भाजपा शराब तस्कर नेता की पैरोकारी कर रही

BJP is advocating liquor smuggler leader

शराब तस्कर के रमन, अजय, मूणत से क्या संबंध है?

रायपुर(mediasaheb.com) राजीव भवन में पत्रकारों से चर्चा करते हुये प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि दुर्भाग्यजनक है कि समूची भाजपा शराब तस्करी करने वाले अपने नेता के बचाव में खड़ी हुई है। भाजपा नेता शराब तस्करी करते पकड़ाया उसके गाड़ी से 14 से अधिक शराब की बोतल मिली है। जिसमें कुल 13 लीटर शराब थी। बार्डर में सीसीटीवी के कैमरे लगे है। उसमें गाड़ी की रिकार्डिंग है। आरोपी की गाड़ी से जप्ती के समय उसकी वीडियो रिकार्डिंग की गयी थी। गाड़ी में जय सियाराम लिख कर शराब तस्करी का काम जयराम दुबे कर रहा था। भाजपा आरटीआई प्रकोष्ठ भी लिखा था। ऐसा बताया गया कि पूर्व में भी यह व्यक्ति बार्डर पर गाड़ी तीव्र गति से भगाकर जाता था इसी से पहले से इसकी गाड़ी पर निगाह थी कि कुछ तो गड़बड़ है। शराब की जप्ती के समय उस व्यक्ति ने खुद को भाजपा का नेता होने की धमकी दिया। मेरी पहुंच रमन सिंह, राजेश मूणत, अजय चंद्राकर तक है। पुलिस को धमकाया दुश्मनी ले रहे देख लूंगा। तब पता चला कि यह व्यक्ति भाजपा का कार्यकर्ता है। इसके पहले भी भाजपा के और भी नेता शराब तस्करी के आरोप में पकड़ा चुके है। भाजपा के जिला उपाध्यक्ष बालोद, बलौदाबाजार में भाजयुमो नेता गुप्ता, मुंगेली में भी पकड़ाया था। 15 वर्षो तक भाजपाई शराब की तस्करी में लिप्त थे। अभी भी सफेद पोश तरीके से यह काम कर रहे। जयराम दुबे की गिरफ्तारी से यह साबित हो गया। दुर्भाग्यजनक है कि पूरी भाजपा शराब तस्कर के बचाव में कुतर्क कर रही। भाजपा शराबबंदी के मुद्दे पर राजनीति करती है उसके नेता शराब तस्करी करते है और पूरी पार्टी शराब तस्कर के बचाव में प्रेस कांफ्रेंस कर कुतर्क करती है। भाजपा का हाथ शराब तस्करों के साथ। आरटीआई एक्टिविस्ट होने का मतलब यह नहीं होता कि आपको शराब तस्करी का लाइसेंस पा गये। उन्होंने जो दस्तावेज सामने रखे थे उसका जवाब दिया जा चुका है।
पत्रकारों से चर्चा करते हुए वरिष्ठ प्रवक्ता आर.पी. सिंह ने कहा कि अपने शराब तस्कर नेता पर कार्यवाही करने के बजाय भाजपा उसको संरक्षण दे रही। यह भाजपा का असली चरित्र है। इस अवसर पर अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष महेन्द्र छाबड़ा, प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर, सुरेन्द्र वर्मा, अजय साहू, मणी प्रकाश वैष्णव उपस्थित थे।