रांची
राज्य के कई सरकारी स्कूलों में समग्र शिक्षा अभियान के तहत स्मार्ट क्लासेज की व्यवस्था पहले से शुरू की गई है। लेकिन अब स्कूलों में एआई आधारित स्मार्ट क्लासेज की सुविधा बहाल की जाएगी। इस सुविधा के लिए राज्य के 600 स्कूलों का चयन किया गया है। एआई आधारित स्मार्ट क्लासेज होने से उसकी जिला से लेकर राज्य सतर पर रियल टाइम निगरानी हो सकेगी।
झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद ने राज्य के 600 मिडिल स्कूलों में एआई आधारित स्मार्ट क्लासेज की सुविधा बहाल करने तथा स्मार्ट क्लासेज साॅल्यूशन तैयार करने तथा उनके रखरखाव के लिए निजी एजेंसी के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
पहली बार स्मार्ट क्लास को एआई से लैस करते हुए स्मार्ट क्लास साॅल्यूशन लागू किया जा रहा है। इससे स्कूलों में कब और कितने समय स्मार्ट क्लासेज हुईं, शिक्षा विभाग को रियल टाइम जानकारी मिलती रहेगी। इसे डैश बोर्ड से भी जोड़ा जाएगा।
गलत डिजिटल सामग्री प्रसारित होने पर जिम्मेदार शिक्षकों के विरुद्ध कार्रवाई
इससे स्कूलों में लगे उपकरण इस्तेमाल हो रहे हैं या नहीं, सिस्टम कब ऑन या ऑफ हुआ, कितनी देर इस्तेमाल हुआ, कौन से एप्लीकेशन कितने घंटे इस्तेमाल हो रहे हैं आदि की जानकारी ऑनलाइन मिलेगी। इस पर एनालिटिकल रिपोर्ट भी तैयार हो सकेगी।
इतना ही नहीं स्मार्ट क्लासेज में किस तरह की डिजिटल शैक्षणिक सामग्री प्रसारित हुईं, इसकी भी जानकारी मिलेगी। किसी तरह की गलत डिजिटल सामग्री प्रसारित होने पर जिम्मेदार शिक्षकों के विरुद्ध कार्रवाई हो सकेगी।
स्मार्ट क्लास के आसान और समय पर मेंटेनेंस के लिए आनलाइन काल लाग मैनेजमेंट सिस्टम तैयार किया जाएगा। बताते चलें कि राज्य सरकार ने लाइव क्लासेज के लिए कुल सात स्टूडियो स्थापित करने का भी निर्णय लिया है।
पिछले दिनों कैबिनेट की बैठक में इस योजना पर स्वीकृति मिली। रांची के रातू स्थित जेसीईआरटी में दो तथ पांच प्रमंडलों में एक-एक स्टूडियो का निर्माण कराया जाएगा। यहां से चिह्नित एक हजार स्कूलों में लाइव क्लासेज की सुविध बहाल की जाएगी। यह सुविधा स्मार्ट क्लासेज से भिन्न होगी।


