नई दिल्ली (mediasaheb.com)| केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को पेश आम बजट में कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास के लिये आवंटित धनराशि को लेकर कहा कि यह भारत के अमृत काल का बजट है। श्री चौहान ने आम बजट 2024-25 पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये कहा कि यह बजट देश के विकास और गरीबों के कल्याण का बजट है। यह बजट प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शिता और विकसित भारत के संकल्प को रेखांकित करता है।
उन्होंने कहा कि भारत की आत्मा है गाँव और प्राण है किसान, आज का बजट ग्रामीण विकास और कृषि क्षेत्र की प्रगति में नये आयामों को स्थापित करेगा। एक सशक्त, समृद्ध, शक्तिशाली और आत्मनिर्भर भारत बनने की दिशा में यह बजट मील का पत्थर साबित होगा।
उन्होंने कहा कि यह बजट विकसित भारत के संकल्प को पूरा करेगा। यह बजट किसान, महिला, युवा और गरीब लोगों के जीवन में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने वाला है। यह बजट किसानों की आय को बढ़ाने, मजबूत अधोसंरचना, स्वस्थ भारत, सुशासन, युवाओं के लिये अवसर, सभी के लिये शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, समावेशी विकास का संकल्प और मजबूत करेगा।
श्री चौहान ने बताया कि प्राकृतिक खेती के मिशन में हम किसानों को प्रशिक्षित करेंगे, प्राकृतिक खेती में रसायन उर्वरक का इस्तेमाल नहीं होगा तो जो उत्पाद होगा, वह फल-सब्जी हो या अनाज, वे मनुष्य के लिये बहुत हितकारी होंगे। प्राकृतिक खेती होने से लोग बीमारियों से बचेंगे और धरती का स्वास्थ्य भी सुधरेगा। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी योजना से जो छोटे और सीमांत किसान हैं, उनकी लागत में कमी आयेगी, इनपुट डालने का मौका उन्हें इस राशि से मिलेगा। उत्पादन के ठीक दाम देने के लिये न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदी सुनिश्चित की गयी है और सरकार ने हाल ही में खरीफ की 14 फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य की दरें जारी की हैं, उससे किसानों को ठीक दाम मिलना सुनिश्चित होगा। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के रिकॉर्ड सातवीं बार बजट में वर्ग को ध्यान में रखा गया है। सबका साथ, सबका विकास और सबका प्रयास, इस बजट में साफ प्रतिलक्षित होता है। यह बजट नारी शक्ति के उत्थान तथा विकास में मील का पत्थर साबित होगा।(वार्ता)


