बिलासपुर (mediasaheb.com)| गुरु तेग बहादुर बलिदान दिवस इतिहास के भूले बिसरे पन्ने…..मध्यप्रदेश के पूर्व गवर्नर(राज्यपाल) भाई महावीर जो समाजसेवक व आर्यसमाज के महान समाज सुधारक भाई परमानन्द के पुत्र थे, उनके सम्बन्ध में लिख रहा हु ….
इनके नाम के आगे ‘ भाई ‘ क्यों लिखा गया??
दिल्ली चांदनी चौक का एतिहासिक सीसगंज गुरुद्वारा तो याद होगा ? ये बलिदान स्थली है गुरु तेगबहादुर जी की( हिन्द दी चादर) | उनके साथ, उनके शिष्य मतिदास भी शहीद हुए थे | गुरु गोविन्दसिंह जी ने उनके परिवार को सम्मानित किया,उनके सहारा बने और उन्हें अपना ‘भाई ‘ मान सम्मान दिया | तब से बलिदानी मतिदास जी के वंशज अपने नाम के आगे ‘भाई’ लिखते है आप कह सकते है गुरु महाराज द्वारा दी गयी उपाधि | कल्पना करिए तो रूह काप जाती है , लकड़ी के दो पाटो के बीच बांध , पेड़ के तने काटनेवाली आरी से भाई मतिदास का शरीर दो फाड़ किया गया…..किन्तु इस्लाम कबूल नहीं किया । मंदिरों में आरती व गुरुद्वारों में गूंजता शबद…ये स्वतंत्रता बहुत बलिदानों से मिली है इसकी कीमत समझे….
संजय ‘अनंत’©
Sunday, April 5
Breaking News
- आज का राशिफल (5 अप्रैल 2026): मेष से मीन तक, जानिए किसका साथ देगा भाग्य और कैसा रहेगा आपका दिन
- वित्तीय वर्ष 2025-26 में एमपी ट्रांसको की ट्रांसफार्मेशन क्षमता में हुई उल्लेखनीय वृद्धि : ऊर्जा मंत्री तोमर
- जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत सूरज कुण्ड को स्वच्छ और सुंदर बनाने की चली मुहिम
- ऊर्जा मंत्री तोमर ने उपनगर ग्वालियर में नाला निर्माण एवं सीवर लाइन का किया निरीक्षण
- पशुओं में नस्ल सुधार का कार्य बेहतर ढंग से करें : प्रमुख सचिव उमराव
- प्रदेश की समस्त स्कूलों में आयोजित हुआ “भविष्य से भेंट कार्यक्रम
- हरित खाद, नीली-हरी शैवाल और जैव उर्वरकों पर जोर दिया कृषि उत्पादन आयुक्त शहला निगार ने
- RPF भोपाल रेल मंडल की मानवता की मिसाल: ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ से 720 बच्चों को परिवार से मिलाया, 33 लोगों की जान बचाई
- हमारे पास सुरक्षित, ट्रंप से नहीं, US पायलट की मां की दुआ पर ईरान का जवाब
- झारखंड स्टेट बार काउंसिल चुनाव, प्रथम वरीयता के वोटों की गिनती पूरी, गड़बड़ी के आरोप हुए खारिज


