नई दिल्ली, (mediasaheb.com) उच्चतम न्यायालय ने मांस के लिए जानवरों को हलाल किये
जाने पर रोक संबंधी याचिका सोमवार को खारिज कर दी और याचिकाकर्ता को कड़ी फटकार भी
लगायी।
न्यायमूर्ति संजय किशन
कौल की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने अखंड भारत मोर्चा की याचिका को शरारतपूर्ण करार
देते हुए खारिज कर दिया।
न्यायमूर्ति कौल ने कहा, “आपकी
यह याचिका शरारतपूर्ण लगती है।”
खंडपीठ ने कहा कि
न्यायालय इस पर सुनवाई नहीं करता कि कौन शाकाहारी हो, कौन
मांसाहारी। न्यायमूर्ति कौल ने कहा, “हम यह भी तय नहीं कर सकते हैं कौन हलाल मीट खाएगा और
कौन झटका मीट।”
हलाल प्रथा में जानवरों
का धारदार हथियार से गला रेतकर वध किया जाता है, जबकि झटका प्रथा में तेज हथियार से एक वार करके एक
बार में ही उसका सिर धड़ से अलग कर दिया जाता है।(वार्ता) (the states.
news)
Saturday, April 18
Breaking News
- दलमा सेंचुरी में 3 साल बाद लौटा हाथियों का कुनबा: पुराने कॉरिडोर से पहुंचे 38 हाथी
- रायपुर : महिला सशक्तीकरण के लिए टाउन-हॉल बैठकें, नारी शक्ति वंदन सम्मेलन और रोड-शो होंगे आयोजित
- महंगाई से राहत: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों का DA 2% बढ़ा, कैबिनेट ने दी मंजूरी
- छत्तीसगढ़ में धर्म स्वातंत्र्य कानून लागू: राजपत्र में अधिसूचना जारी
- करप्शन केस में फंसे IAS अधिकारी पर बड़ी कार्रवाई, 20 करोड़ की संपत्ति जब्त, प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप
- रोहित शर्मा का रिकॉर्ड टूटा, स्मृति मंधाना बनीं भारत की टॉप T20I रन स्कोरर
- झारखंड TET पर बड़ी राहत: नियमावली बरकरार, 21 अप्रैल से आवेदन शुरू
- रायपुर : छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी रायपुर में मिशन कर्मयोगी के तहत संस्थागत क्षमता निर्माण कार्यशाला आयोजित
- पीएम मोदी का आज रात 8.30 बजे देश के नाम संबोधन, ‘नारी शक्ति बिल’ गिरने पर कर सकते हैं चर्चा
- छतरपुर में केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट के मुआवजे पर विरोध प्रदर्शन, प्रशासन के आश्वासन के बाद समाप्त


