नई दिल्ली, ( mediasaheb.com) | दिल्ली उच्च न्यायालय ने नागरिकता संशोधन कानून ( #_Citizenship _amendment_ law) के विरोध में प्रदर्शन कर रहे जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के खिलाफ किये गये बल प्रयोग मामले में पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई को लेकर दायर याचिका की शीघ्र सुनवाई करने से सोमवार को इन्कार कर दिया।
मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति सी हरि शंकर की युगलपीठ ने मामले का उल्लेख करते हुए इस मामले पर तत्काल सुनवाई से इन्कार कर दिया। न्यायालय ने कहा कि इस मामले की सुनवाई की कोई जल्दबाजी नहीं है। उन्होंने याचिकाकर्ता को न्यायालय के रजिस्ट्री कार्यालय ( #Registry_office )के जरिए आने की भी सलाह दी।
याचिकाकर्ता के वकील रिजवान नाज्मी ने इससे पहले न्यायालय में आवश्यक याचिका के तौर पर मामले को दायर किया। वकील ने घटना की न्यायिक जांच कराने तथा घायल छात्रों को उचित मेडिकल सहायता एवं आर्थिक मदद देने की गुहार लगायी।
गौरतलब है कि CAA के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान जामिया के 200 से अधिक छात्र पुलिस कार्रवाई के कारण घायल हैं। इनमें से पचास छात्रों को कालकाजी थाने में हिरासत में रखा गया है। (वार्ता)
Saturday, September 19
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