नई दिल्ली, (mediasaheb.com) भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद के अधिशासी बोर्ड ने कोविड-19 संक्रमण काल में एमबीबीएस मेडिकल कोर्स की परीक्षाएं संपन्न कराने के लिए लिए गाइडलाइन जारी की है. अधिशासी बोर्ड के महासचिव डॉ राजीव वत्स ने विस्तृत मार्गदर्शक गाइडलाइन जारी करते हुए बताया है कि राज्य में एक ही स्वास्थ्य विश्वविद्यालय होने पर राज्य के अलग-अलग मेडिकल कॉलेज के के ही शिक्षकों को बाह्य परीक्षक बनाया जाए |

एमबीबीएस की प्रायोगिक परीक्षाओं के लिए भी देशभर के स्वास्थ्य विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की 16 जुलाई को हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में दिए गए सरलीकरण का सुझाव मान लिया गया है|

- एमबीबीएस परीक्षाओं में जनरल प्रमोशन के सुझाव को नकार दिया गया है|
- प्रथम एमबीबीएस की परीक्षाएं कॉलेज खुलने के 1 माह के भीतर संपन्न करा लेनी चाहिए|
- फाइनल एमबीबीएस के पूरक परीक्षाएं जो सन 2020 के पूर्वार्ध में हो जानी चाहिए थी उन्हें जल्द से जल्द संपन्न कराया जाए और कॉलेज खुलने का इंतजार नहीं किया जाए ताकि सभी छात्र अपनी इंटर्नशिप में जा सके|
- द्वितीय और तृतीय एमबीबीएस (पार्ट वन) और फाइनल एमबीबीएस 2020 की परीक्षाएं उपरोक्त कक्षाओं के कोर्स कंप्लीट हो जाने के 2 से 3 महीने देरी से संपन्न कराई जा सकती हैं|
- भारतीय चिकित्सा परिषद की अधिशासी बोर्ड ने यह भी कहा है कि स्नातकोत्तर परीक्षाओं में परीक्षकों और परीक्षा गाइडलाइन को एमबीबीएस कोर्स में भी मार्गदर्शक माना जा सकता है|
ज्ञात हो कि सभी चिकित्सा विधाओं की सभी अधिशासी बोर्डों ने स्नातकोत्तर और स्नातक छात्रों के लिए परीक्षाओं की पूर्व गाइडलाइन मैं कोरोना संक्रमण काल को देखते हुए कुछ छूट की घोषणा की थी केवल एमबीबीएस की परीक्षाओं के लिए भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद परिषद के अधिशासी बोर्ड की गाइडलाइन का इंतजार पिछले दो माह से किया जा रहा था|


