उच्च न्यायालय ने 13.4.18 को संसदीय सचिवों की तमाम शक्तियों, सुविधाएंऔर मंत्रियोंकेरूप में काम करने पर रोक लगा दी है।
-नवनियुक्त संसदीय सचिव हवा मेंन उड़े और संविधानिक मंशा के अनुरूपजनसेवा में भागीदार बनें।
रायपुर। 14.7.19. JCCJ अध्यक्ष अमित जोगी ने कहा कि संसदीय सचिवों और निगम-मंडल अध्यक्षों जैसे सफ़ेद हाथियों से कहीं ज़्यादा छत्तीसगढ़ के भविष्य के लिए शिक्षकऔरपुलिसबल ज़रूरी हैं। 15 सफ़ेद हाथियों को लालबत्ती बाँटनेकेपहले सर्व प्रथम मुख्यमंत्री जीको पिछले कई सालों से मजधार में अटकी 14580 शिक्षकों, 48761 जिला पुलिसबल के उम्मीदवारों की पदस्थापना, 417 CAF की प्रतीक्षा सूची को जोईनिंगऔर 1756 विद्या मितानों, 1092 व्यावसायिक प्रशिक्षकों, 16802 प्ररकों, जनभागीदारी और अतिथि शिक्षकोंको नियमित कर देने के आदेशों में अपना दस्तख़त कर देना था।
अमित जोगी ने कहा कि कांग्रेसके 2018 केजनघोषणापत्रमेंयेसारीघोषणाएँहोचुकीहैं, 2019-20 के बजट में इनको धरातल में लाने का वित्तीय प्रावधान भी है।
छत्तीसगढ़ के लाखों बेरोज़गार युवाओं को अब केवल वित्तमंत्री (जो मुख्यमंत्री भी हैं) के दस्तख़त का इंतेज़ार है।
साथ ही अमित जोगी ने स्मरण दिलाया कि छत्तीसगढ़ शासन के ‘अधिकृतमंत्री’ श्री मोहम्मद अकबर ने संसदीय सचिवों की नियुक्ति को अवैध घोषित करनी कीउनकी याचिका के सम्बंध में 13.4.18 को बयान दिया था कि उच्च न्यायालय ने उनकी याचिका का ‘निराकरण’ किया है न कि उसे ‘निरस्त’ किया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि न्यायालय ने-
(1)संसदीय सचिवों की तमाम शक्तियों और सुविधाएं पर रोक लगा दी है और (2)किसी भी सूरत में संसदीय सचिव मंत्रियों के रूप में काम नहीं कर पाएंगे।
अमित जोगी ने उम्मीद जताई कि भूपेश बघेल की सरकार इन बातों पर क़ायम रहेंगी।साथ ही अपने अधिकृत मंत्री श्री अकबरसेउच्च न्यायालय के फ़ैसलेकेविरुद्ध सर्वोच्च न्यायालय में अनुच्छेद 136 केअंतर्गत दाखिल अपनी शपथ पत्र याचिका को तत्काल वापस लेने का निर्देश देगी ताकि श्री अकबर गलत शपथ पत्र दाखिल करने के अपराध से बच सकेंऔर नवनियुक्त संसदीय सचिव हवा में नहींउड़ने लगे और संविधानिक मंशा के अनुरूप जन सेवा में भागीदार बनें! (#thestates.news) (#mediasaheb.com)

