रायपुर,(mediasaheb.com) एआईसीसी के छत्तीसगढ़ प्रभारी और राज्यसभा सदस्य पी.एल. पुनिया ने राज्यसभा में कहा कि पूरे हिन्दुस्तान भर में धान समर्थन मूल्य के अंतर्गत भारत सरकार और राज्य सरकारें खरीदती है। भारत सरकार एफसीआई के माध्यम से मई 2014 में एनडीए की सरकार बनी है, और एक महिने के अंदर एक आदेश जारी हुआ था उसमें लिखा गया कि जो राज्य सरकारें समर्थन मूल्य से अधिक बोनस देंगी तो समर्थन मूल्य में धान नहीं खरीदेंगे और सरप्लस चांवल उसको भी हम सेन्ट्रल पुल में नहीं लेगे। वहां की परिस्थिति को देखते हुये केन्द्र सरकार ने छूट दी कि ज्यादा बोनस देने के बावजूद हम उनसे खरीदेंगे। केन्द्र सरकार ने संकल्प लिया है कि हम किसान के आमदनी को दुगुना करेंगे। केन्द्र सरकार ने धान को 1815 रू. प्रतिक्विंटल में खरीदने का आदेश दिया। राज्य सरकार ने 2500 रू. प्रतिक्विंटल में धान खरीदने का आदेश दिया और उस पर खरीद रहे है। जब केन्द्र सरकार का संकल्प है उसका पूरा करने में राज्य सरकार का अपना बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान है। उसको नाराजगी दिखाने के बजाय उसको पैरालाईज करने के बजाय, उनका प्रशंसा करना चाहिये। किसानों का हित महत्वपूर्ण है। किसान संकट में है। राज्य सरकार संकट में है। मेरा विशेष अनुरोध है कि सरकार की तरफ से रिस्पांस आये कि वो छत्तीसगढ़ सरकार के साथ कोई भेदभाव नहीं करेंगे और उनका धान खरीदेंगे। चांवल भी सेन्ट्रल पुल में खरीदेंगे।
Sunday, October 4
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