बिलासपुर (mediasaheb.com)। स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ.प्रेमसाय सिंह टेकाम स्थानांतरण आदेश को व्यवसाय के रूप में लिए जाने के सवाल पर भड़क गए। एक पद के लिए तीन-तीन शिक्षकों का तबादला कर दिया गया है। यह मानवीय भूल तो हो नहीं सकती। जानबूझकर जारी किया गया आदेश तो नहीं। यह सुनते ही स्कूल शिक्षा मंत्री का मुड बिगड़ गया। फिर वे बोले । शिक्षक स्थानांतरण चाह रहे थे। इसलिए आदेश जारी किया गया है। वैसे भी यह सारी परेशानी पूर्ववर्ती BJP सरकार की देन है। 15 साल के अतिरिक्त दबाव को अब जाकर कम करने की कोशिश शुरू हुई है। जल्द सब-कुछ ठीक कर लेंगे ।
रायपुर से कोरबा जाते वक्त मंत्री डॉ.टेकाम कुछ देर के लिए छत्तीसगढ़ भवन में स्र्के थे। इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से चर्चा भी की । एक सवाल के जवाब में उन्होंने दोटूक कहा कि शिक्षा विभाग के अलावा किसी भी विभाग में स्थानांतरण के नाम पर न तो उद्योग चलाया जा रहा है और न ही किसी की दुकानदारी ही चल रही है। सब कुछ नियम और प्रक्रिया के तहत किया जा रहा है।
उन्होंने कहा मंत्रिमंडल में फेरबदल या मंत्री हटाना या बनाना मुुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है। स्कूल शिक्षा विभाग में किए गए तबादले को लेकर उनके ओएसडी पर कार्रवाई की गाज भी गिरी और शासन के निर्देश पर हटा दिए गए है। जैसे सवाल का वे जवाब नहीं दे पाए । दो-दो OSD को इतनी जल्दी क्यों हटाना पड़ा ।
कहीं स्थानांतरण आदेश तो कारण नहीं है। स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि किसको रखना है या किसको हटाना है इसका फैसला शासन स्तर पर होता है। किसी एक व्यक्ति की नहीं चलती । सरकारी कामकाज को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए अनुभवी और जानकार लोगों की जरूरत पड़ती है।

