रायपुर, (mediasaheb.com) । छत्तीसगढ़ सरकार ने पूर्व भाजपा सरकार के समय में कद्दावर आईपीएस अधिकारी रहे मुकेश गुप्ता से संबंधित एमजीएम अस्पताल और मिक्की मेमोरियल ट्रस्ट को सरकार की तरफ से दी जाने वाली सभी सरकारी सहायता राशि पर रोक लगा दी है। साथ ही अस्पताल और ममोरियल ट्रस्ट की मान्यता रद्द करने के लिए भी आदेश जारी कर दिया है। आखों के अस्पताल एमजीएम आई इंस्टीट्यूट में चलने वाली अंधत्व और संजीवनी संबंधी सभी योजनाओं की पात्रता अस्पताल को नहीं होगी। शनिवार को जारी हुए इस आदेश के खिलाफ एमजीएम अस्पताल प्रबंधन अब कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकता है।
एमजीएम की डायरेक्टर डा. दीपशिखा अग्रवाल ने बताया कि हमें आधिकारिक तौर पर अस्पताल की मान्यता रद्द करने से जुड़ा कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि हां, हमें यह जरूर मालूम चला है कि हमें मिलने वाली सरकारी ग्रांट राशि पर रोक लगा दी गई है। अस्पताल की मान्यता खत्म करने का अधिकार जिला चिकित्सा अधिकारी एवं कलेक्टर के अंतर्गत आने वाली सुपरवाइजरी आथोरिटी के पास है। वहीं, एमजीएम अस्पताल के वकील आमीन खान ने कहा कि अस्पताल की मान्यता रद्द करने का अधिकार सरकार के पास नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने अपने अधिकार क्षेत्र से आगे बढ़कर ऐसा किया है तो हम सरकारी आदेश के खिलाफ कोर्ट में जरूर जाएंगे। कोर्ट में सरकार को जवाब देना होगा। उन्होंने कहा कि हमारे अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर से लेकर जनरल वार्ड तक में कई मरीज भर्ती हैं। ऐसे में अस्पताल की मान्यता रद्द कर दिया जाना बिल्कुल अन्याय है। हम कोर्ट में अपना पक्ष रखेंगे। वकील आमीन खान ने यह भी कहा कि मिकी मेमोरियल ट्रस्ट को रद्द करने का भी अधिकार सरकार के पास नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर हमारे खिलाफ कोई शिकायत है तो महापंजीयक इसके खिलाफ कोर्ट में जा सकते हैं। लेकिन ट्रस्ट की मान्यता रद्द करना सरकार के हाथ में नहीं है।
उल्लेखनीय है कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संचालक छत्तीसगढ़ ने रायपुर के मिकी मेमोरियल ट्रस्ट और एमजीएम आई अस्पताल की मान्यता खत्म करने और उसे मिलने वाले सभी तरह के शासकीय अनुदानों पर रोक लगाने का आदेश शनिवार को जारी किया है। मिकी मेमोरियल ट्रस्ट तथा एमजीएम आई अस्पताल की मान्यता खत्म करने का सरकारी फरमान तीन अक्टूबर को जारी हो गया था।
उल्लेखनीय है कि इस अस्पताल में पिछले दिनों ही राज्य की ईओडब्लू की टीम ने दबिश दी थी। आईपीएस मुकेश गुप्ता के साथ प्रदेश के बड़े कारोबारी और बिल्डर इस अस्पताल के ट्रस्टी हैं। स्वास्थ्य विभाग ने सामान्य प्रशासन विभाग के पत्र का हवाला देते हुए प्रदेश के सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को इस बारे में पत्र लिखकर बताया है कि अस्पताल और ट्रस्ट दोनों की सरकार ने मान्यता समाप्त कर दी है। (हि.स.)

