धमतरी, (mediasaheb.com) । धमतरी जिले के सिहावा स्थित श्रृंगी ऋषि पहाड़ से निकलने वाली महानदी फरसियां के निकट महामाई माता के मंदिर की परिक्रमा कर वापस लौट जाती है।
सिहावा से निकली महानदी 10 किमी पूर्व दिशा में बहने के बाद वापस मुड़कर पश्चिम दिशा में बहने लगती है। प्रचलित जनश्रुतियों के अनुसार तपस्या में लीन श्रृंगी ऋषि का कमंडल अचानक लुढ़क गया तो उससे जलधारा बह निकली और तेजी से पूर्व दिशा की ओर बहने लगी। तपस्या से जागने पर श्रृंगी ऋषि ने आवाज देकर जलधारा को रुकने का आदेश दिया तो जलधारा ने माता महामाई की परिक्रमा कर अपना दिशा पश्चिम की ओर पुनः मोड़ लिया। महामाई माता के इस स्थान पर सरोवर के बीच में विशाल मंदिर स्थित है, जहां कई क्षेत्रों के लोग पूजा-अर्चना करते हैं। नवरात्र में यहाँ मनोकामना ज्योत प्रज्ज्वलित किया गया है।
महामाया मंदिर के समिति के अध्यक्ष जवाहर ध्रुव, उपाध्यक्ष सोमनाथ सोन ने बताया कि माता की महिमा अपरम्पार है, जो भी भक्त सच्चे मन से मां की आराधना करता है, उसकी मनोकामना अवश्य पूर्ण होती है।
मां की महिमा सुन अमित शाह आये थे दर्शन करने धमतरी : महामाई माता की ख्याति व महानदी के इसी स्थान से वापस लौटने की जानकारी होने पर पिछले साल भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व वर्तमान गृहमंत्री अमित शाह, तात्कालिक मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के साथ इस मंदिर में पहुंचे थे। यहां माता का आशीर्वाद ग्रहण किया था। पर्यटन विभाग से सहायता प्राप्त होने व ग्रामीणों के सहयोग से महामाया मंदिर को महामाई धाम के नाम से विकसित किया गया है, जहां पर हजारों श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए आते हैं। मंदिर प्रांगण में आने वालों को यहां 4 मयूर के दर्शन भी होते हैं । (हि.स.)

