दूसरे दिन भी चेरलापल्ली जेल के बाहर कुछ महिला संगठनों ने किया प्रदर्शन
– चारों आरोपितों की रिमांड पर अब कोर्ट में 13 दिसम्बर को होगी सुनवाई – सुनवाई के दौरान शादनगर कोर्ट के बाहर भी भीड़ का जमावड़ा रहा
हैदराबाद (mediasaheb.com) ) कोर्ट में मजिस्ट्रेट के न आने से दिशा बलात्कार व हत्याकांड मामले के आरोपित मंगलवार को भी पुलिस (#Police ) को रिमांड पर नहीं मिल सके जबकि पुलिस ने कोर्ट से सभी आरोपितों को 10 दिन के लिए रिमांड पर मांगा है। अब 13 दिसम्बर को आरोपितों को कोर्ट (#Court ) में पेश किये जाने की सम्भावना है। इसी बीच दूसरे दिन भी जेल के बाहर कुछ संगठनों ने प्रदर्शन किया। सुनवाई के दौरान शादनगर कोर्ट के बाहर भी भीड़ का जमावड़ा रहा।
दिशा बलात्कार व हत्याकांड मामले के आरोपितों को पुलिस रिमांड पर देने के लिए मंगलवार को शादनगर कोर्ट में सुनवाई होनी थी लेकिन मजिस्ट्रेट के न आने से सुनवाई नहीं हो सकी। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का कहना है कि आरोपितों को रिमांड पर लेने के लिए कोर्ट में पेश करने की कोई जरूरत नहीं है। कोर्ट ऐसे ही पुलिस रिमांड मंजूर कर सकती है। हालांकि पुलिस ने हैदराबाद की चेरलापल्ली जेल के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर रखे हैं और जिला प्रशासन ने पूरे इलाके में सेक्शन 144 लागू कर दिया है। इसके बाद भी जेल के सामने मंगलवार को कुछ महिला संगठन के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करके आरोपितों को फांसी देने की मांग की। जेल में चारों आरोपितों को विशेष सुरक्षा के तहत सिंगल व डबल सेल में अलग-अलग रखा गया है। इस सेल के कैदी का अन्य कैदियों से संबंध टूट जाता है। केवल नाश्ता, चाय और खाने के दौरान सेल का गेट खोला जाता है।
एक आरोपित को किडनी की बीमारी, मांगी इलाज की सुविधा
दिशाकांड के जेल में बंद चार आरोपितों में से एक चिंताकुंता चेन्नाकेशावुलू ने जेल प्रशासन से डायलिसिस कराने की मांग है क्योंकि उसे किडनी संबंधित बीमारी है। उसने जेल अधिकारियों को बताया कि वह हैदराबाद के निजाम इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में नियमित रूप से डायलिसिस करा रहा था और वह चाहता है कि यह प्रक्रिया जारी रहे। जेल अधिकारी ने बताया कि अस्पताल से उसके मेडिकल रिकॉर्ड्स मंगाए गए हैं।
CM के पीड़ित परिवार से न मिलने से रोष
इस कांड को लेकर अब मुख्यमंत्री केसीआर पर भी उंगलियां उठने लगी हैं। इस घटना को लेकर अब तक उनकी तरफ से कोई बयान न आने पर लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी मुख्यमंत्री का पीड़ित परिवार से न मिलना भी आक्रोशित लोगों को अखर रहा है।


