जैसे ही मुझे ज्ञात हुआ कि। मैं कोरोना “पॉजिटिव” हो गयी तो भी मैंने इसे “पॉजिटिव” ही लिया।
रायपुर (mediasaheb.com) यकीनन ये मेरे जीवन का अदभुत अनुभव था और जिसप्रकार मैंने इसका सामना करते हुए जो महसूस किया, वह अपने आप में अविस्मरणीय, अविश्वसनीय घटना थी।
कहते है हिम्मत ना हारना ही जीत की पहली शर्त है और मैंने भी वही किया।
माँ ललिताम्बिका का ध्यान और सहस्र नाम का जाप लगातार किया फलस्वरूप मैंने घर पर ही एकांतवास में स्वस्थ होने में सफलता प्राप्त की।
मुझे कोरोना मुक्त होने में सिर्फ 5 दिन ही लगे बिना किसी जटिलता या परेशानी के।
मेरा मानना है कि ये अदभुत संयोग माँ ललिता की कृपादृष्टि से ही सम्भव हो पाया।
10 अप्रैल को जांच के बाद मुझे जानकारी हुई कि मैं कोरोना पॉजिटिव हूँ,जिसको मैंने बिल्कुल भी चिन्तित ना होते हुए सकारात्मक ढंग से स्वयं को केंद्रित किया। परिणामस्वरूप माँ
की कृपा से कोरोना मुक्त हो चुकी हूँ और पूर्णरूपेण स्वस्थ हूँ।
बहुत से लोगो के मन मे एक प्रश्न उठता है कि मैं बहुत ही आध्यात्मिक हूँ और माता की उपासक हूँ तो मुझे कोरोना ने अपनी कैद में कैसे ले लिया ?
सीधा सा उत्तर है… एक मनुष्य हूँ और पिछले कुछ
दिनों में नियमों का पालन नहीं किया और कुछ लापरवाह भी हो गयी थी,इसका परिणाम मुझे भुगतना पड़ा।
मुझे इस बात का खेद किंचित मात्र भी नही है कि मुझे इस संकट का सामना करना पड़ा।
सर्वप्रथम मुझे मेरे पति जो कि मधुमेह से ग्रसित है और बहुत ही संवेदनशील है इसलिए उनके स्वास्थ्य की और सात साल की नातिन के स्वास्थ्य की भी देखभाल करनी थी।
पहले दिन कोरोना जांच होने से लेकर रिपोर्ट आने के दौरान ही “ललिता सहस्रनाम” का पाठ करना शुरू कर दिया था
जिससे की मुझे भीतर से सकारात्मक ऊर्जा का एहसास हो रहा था और बाहर भी वातावरण सकारात्मक होता प्रतीत हो रहा था।
अब मै जो बताने जा रही हूं, आप सुनकर हैरान होंगे…
पहले दिन जब मुझे हल्का बुखार आया तो मैने “माँ ललिता सहस्रा नाम” का पाठ
शुरू कर दिया था और लगातार सात दिनों तक ये सिलसिला जारी रहा और प्रतिदिन मैं पिछले दिन से अगले दिन स्वयं को अधिक ऊर्जावान महसूस करती थी और मुझे अच्छा भी लगता था।इसलिए मुझे इस संकट का सामना करने में कोई खास परेशानी नहीं हुई। मेरा विश्वास है कि जिस मन्त्र का जप कर रही थी वह एक तरह से श्वास प्रक्रिया का अभ्यास है जिससे फेफड़े सक्रिय रहते है।
मेरा मानना है कि चिकित्सा के साथ साथ ध्यान और जप जरूर करना चाहिए जिससे हमारे आसपास का वातावरण सकारात्मक ऊर्जा से ओतप्रोत बना रहता है।
मैने खुद से यह अनुभव किया है की मैने सबसे पहले मेरे पति और मेरी सात वर्षीय नातिन के उत्तम स्वास्थ के लिए माँ का ध्यान और “ललिता सहस्रनाम” का पाठ किया।दोनों ही स्वस्थ है माँ की कृपादृष्टि से।
मैंने भी सात दिनों में उतरने चढ़ते बुखार,गले की खिचखिच और ऑक्सिजन की मात्रा के बीच भी पाठ करना जारी रखा और लगातार करती गयी,आनन्द के साथ साथ भीतर से दिव्य शक्ति का भी अनुभव तो कर ही रही थी।
और इसतरह मुझे संकट से छुटकारा मिल गया।
जैसा कि सब जानते है कि “ललिता माता जी” जगतजननी है।सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड की रक्षा करने वाली है।अगर हम पूरी भक्ति और श्रद्धा से उनकी शरण में जाते है तो माँ उनकी जरूर रक्षा करती है। ललिता सहस्र नाम जो १००० नामों का पाठ है जो बहुत ही प्रभावशाली नाम है,इनके हर एक नाम में अनेक अनेक शक्तियां विद्यमान है।
इसमें से एक नाम है “सर्व व्याधि प्रशमनी सर्व मृत्य निवार्णी
अर्थात कोई भी रोग हो,कोई मृत्यु का कारण हो।सबका निवारण हो जाएगा।जो कोई भी इस मंत्र का जप करता है उसके रोग और कष्ट दूर हो जायेंगे।।
और अंत में…
मै आप सब से एक बात साझा
करना चाहती हूँ कि मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकती हूं कि अगर आप इन चीजों का पालन करेंगे तो आप बहुत जल्दी ही स्वस्थ हो जायेंगे।कोरोना की इस लड़ाई में आप जीत जायेंगे।
अगर आप Covid पॉजिटिव तो इन बातों का जरूर ध्यान रखिए…
■ अपने चारों ओर सकारात्मक वातावरण बनाये।नकारात्मक विचारों को मन मे ना आने दें।
■ चिकित्सक द्वारा निर्धारित मापदंडों का पालन करें।
■ घर का बना हुआ ताज़ा भोजन ही उत्तम है और पानी ज्यादा से ज्यादा पिएं।
■ ध्यान,प्रार्थना और योग का भी सहारा लेना चाहिए।
■ अपने आसपास की जगह स्वच्छ और कीटाणु मुक्त रखें।
■ इस दौरान कोई भी रचनात्मक कार्य जिसे आप पसंद करते है, कर सकते है।
■★■ बहुत महत्वपूर्ण है कि अध्यात्म से जुड़िए।अपने इष्टदेव के मंत्र का जाप जरूर
करिये।
अगर “ललिता सहस्त्र नाम” की पुस्तक है तो जरूर पढ़े।इंटरनेट पर भी सभी जानकारी और मन्त्र उपलब्ध है।
मैं घर से ही माता जी का पाठ करके Corona patients का healing कर सकती हू मुझे बहुत ख़ुशी होगी अगर मैं किसिकी काम आ सकूँ
माता रानी की कृपा से मैं पूर्णरूपेण स्वस्थ हूँ।मेरी इस यात्रा में मेरी बेटी सुजाता और हमारे पड़ौसी स्मिता ने पूरा पूरा ध्यान रख मै सभी के कुशल मंगल की कामनाएं करते हुए सभी को धन्यवाद देती हूँ।(the states. news)

