बिलासपुर (media saheb.com) गत 18 मार्च 2021 को एसईसीएल के मेगा प्रोजेक्ट कुसमुण्डा में निर्माणाधीन 4 रैपिड लोडिंग सिस्टम युक्त साईलो में से साईलो क्रमांक 3 से पूर्ण रैक लोडिंग प्रारंभ किया गया है। इससे कम्पनी को त्वरित डिस्पैच तथा कुसमुण्डा क्षेत्र से कोयले की -सजयुलाई एवं प्रेषण में काफी सहुलियत व लाभ मिलने की आशा है। ज्ञात हो कि एसईसीएल के कुसमुण्डा क्षेत्र में ऐसे अन्य कुल 3 आरएलएस साईलो पर भी तेजी से काम चल रहा है। एक पर्यावरण हितैषी व आधुनिक तकनीक: रैपिड लोडिंग सिस्टम (आरएलएस) वन एवं पर्यावरण मंत्रालय भारत सरकार के द्वारा जारी गाईड लाईन्स पर खरा उतरता है तथा वैगन में सटीक मात्रा में कोयले की लोडिंग में सहायक है। साईलो लोडिंग में केवल निश्चित आकार के कोयले ही प्रेषित किए जाते हैं जिससे की डिस्पैच किए जा रहे कोयले की गुणवत्ता में वृद्धि होती है तथा डिस्पैच में कोयले का ह्यस नहीं होता यही कारण है कि कन्ज्यूमर्स के द्वारा भी साईलो/आरएलएस के जरिए कोयले का डिस्पैच पसंद किया जाता है। इसमें 1 रैक के भरने तथा दूसरे को लगाए जाने के बीच का टर्नओव्हर टाईम भी कम होता है जिससे वैगन की उपलब्धता में वृद्धि होती है। पारंपरिक वार्फ लोडिंग सिस्टम की तुलना में साईलो के द्वारा की जा रही लोडिंग में समय कम लगता है तथा अण्डरलोडिंग या ओव्हरलोडिंग जैसी चुनौतियाँ नहीं रहती।
भविष्य में 50 मिलियन टन क्षमता के कुसमुण्डा परियोजना में उक्त साईलो के संचालन से परियोजना की कार्य निष्पादन क्षमता में अभिवृद्धि होगी। कुसमुण्डा मेगा प्रोजेक्ट में उक्त साईलो के जरिए प्रथम बार पूर्ण रैक लोडिंग के अवसर पर क्षेत्र की टीम के साथ एसईसीएल के निदेशक तकनीकी (संचालन) श्री एम.के. प्रसाद तथा निदेशक तकनीकी (योजना/परियोजना) श्री एस.के. पाल उपस्थित रहे। सीएमडी एसईसीएल श्री ए.पी. पण्डा ने उक्त सफलता का श्रेय टीम एसईसीएल को दिया है। (the states. news)

