रायपुर. (mediasaheb.com) कलिंगा विश्वविद्यालय मध्य भारत का एक प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान है। यहाँ पर विद्यार्थियों में शोध प्रवृत्ति और नयी खोज को विकसित करने के लिए वैश्विक मापदंड के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने तथा शोध को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार कार्य किया जाता रहा है। इसी तारतम्य में कलिंगा विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग के द्वारा 13 मार्च 2021 को ‘गांधी दर्शन की प्रासंगिकता ‘ विषय पर ऑनलाईन संगोष्ठी का आयोजन संपन्न हुआ।
उक्त संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के रुप में मगध विश्वविद्यालय बोधगया (बिहार) के सहाण्प्राध्यापक और इंटैक सरगुजा के सहसंयोजक डॉ. सचिन मंदिलवार उपस्थित थें। उन्होंने विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों से ‘गांधी दर्शन की प्रासंगिकता ‘ विषय पर विस्तारपूर्वक चर्चा की।अतिथि वक्ता ने वर्तमान परिदृश्य में गांधी जी के दर्शन के संदर्भ में विस्तार से बताया।उन्होंने महात्मा गांधी के सुराज पंचायती राज और स्वदेशी की अवधारणा पर चर्चा करते हुए गांधीजी के विभिन्न विचारों एवं दर्शन पर जानकारी दी। इस संगोष्ठी में विद्यार्थियों ने भी विषय विशेषज्ञ विद्वान से संवाद कार्यक्रम के अंतर्गत अपने प्रश्नों को पूछा और अपनी जिज्ञासा को शांत किया।
उक्त आयोजन में कलिंगा विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. आर. श्रीधर एमहानिर्देशक डॉ. बैजू जॉन उपकुलसचिव श्री कुमार श्वेताभ कला एवं मानविकी संकाय के अधिष्ठाता डॉ.एम.एस. मिश्र हिन्दी विभाग के अध्यक्ष डॉ. अजय शुक्ल और इतिहास विभाग के सहाण् प्राध्यापक चंदन सिंह राजपूत के साथ.साथ कला एवं मानविकी संकाय के समस्त प्राध्यापक एवं विद्यार्थी उपस्थित थें।कार्यक्रम का संचालन हिन्दी विभाग की सहाण् प्राध्यापक सुश्री खुशबू सिंह ने किया तथा मानविकी संकाय के अधिष्ठाता डॉ. एम.एस. मिश्र ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।(the states. news)

