बिलासपुर, (mediasaheb.com) एसईसीएल (Secl) में अपार संभावनाये हैं। समन्वित प्रयास, नई तकनीक का इस्तेमाल एवं कठोर परिश्रम से नई ऊॅंचाईयाॅं होंगी हासिल।- उक्त पक्तियाॅं कोयला सचिव अनिल कुमार जैन ने दिनांक 28.11.2019 को एसईसीएल मुख्यालय में कम्पनी की समीक्षा बैठक के दौरान कही।
कोयला सचिव अनिल कुमार जैन 27 व 28 नवंबर 2019 को एसईसीएल के प्रवास पर थे और श्री जैन का एसईसीएल (SECL ) का यह प्रथम दौरा था । पहले दिन उन्होंने एसईसीएल के गेवरा व दीपका क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने खदानों में आने वाली समस्याओं को समझा एवं उनके निराकरण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
अपने प्रवास के दूसरे दिन उन्होंने कुसमुण्डा क्षेत्र में कोल हेण्डलिंग प्लांट एवं साईलो का निरीक्षण किया। तत्पश्चात उन्होंने एसईसीएल मुख्यालय में आकर कम्पनी की समीक्षा बैठक ली।
अपने उद्बोधन में श्री जैन ने कहा कि एसईसीएल कोलइण्डिया लिमिटेड की सर्वाधिक कोयला उत्पादक सहायक कम्पनी है। देश की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु प्रचुर मात्रा में कोयले की आवश्यकता है। अतः एसईसीएल के ऊपर कोयला उत्पादन की बड़ी जिम्मेदारी है।
उन्होंने अपने सम्बोधन में कर्मियों के कल्याण, उनके प्रशिक्षण, नई तकनीक का इस्तेमाल, इन्फार्मेशन टेक्नाॅलाॅजी का व्यापक प्रयोग एवं समन्वित प्रयास करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
इस समीक्षा बैठक के दौरान श्री जैन के साथ कोयला मंत्रालय से पीयूष कुमार निदेशक, कोलइण्डिया के निदेशक तकनीकी बिनय दयाल, एसईसीएल के सीएमडी ए.पी. पण्डा, निदेशक (कार्मिक) डाॅ. आर.एस. झा, मुख्य सतर्कता अधिकारी बी.पी. शर्मा, निदेशक तकनीकी (संचालन) आर.के. निगम, निदेशक तकनीकी (योजना/परियोजना) मनोज कुमार प्रसाद, निदेशक (वित्त) एस.एम. चैधरी, विभिन्न विभागों के महाप्रबंधक व विभागाध्यक्षगण उपस्थित थे।
अनिल कुमार जैन का एसईसीएल का यह प्रथम दौरा था।


