नई दिल्ली, (mediasaheb.com)। नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट (नाबार्ड) ने शुक्रवार को कहा कि उसने चालू वित्त वर्ष 2019-20 में बाजार से करीब 55,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बनाई है ताकि उसके व्यवसाय विकास को बढ़ावा दिया जा सके। साथ ही सरकार की विभिन्न कृषि और ग्रामीण विकास योजनाओं का समर्थन किया जा सके।
नाबार्ड के अध्यक्ष हर्ष कुमार भनवाला ने शुक्रवार को यहां कहा कि हम 2019-20 में घरेलू बाजार से सार्वजनिक मंच के माध्यम से लगभग 55,000 करोड़ रुपये जुटाने का इरादा रखते हैं। उन्होंने कहा कि नाबार्ड चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में बाजार से 12,000 करोड़ रुपये जुटा चुकी है।उन्होंने कहा कि वित्तीय संस्थान लंबी अवधि के बांड के माध्यम से धन जुटाता है – आमतौर पर 10-15 साल के कार्यकाल के लिए। पिछले वित्तीय वर्ष में, नाबार्ड ने गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर के माध्यम से कुल 56,069 करोड़ रुपये जुटाए थे। जिसमें से 33,169 करोड़ रुपये सरकारी योजनाओं के लिए थे और शेष संगठन की स्वयं की वित्तपोषण आवश्यकताओं के लिए था।उल्लेखनीय है कि नाबार्ड द्वारा वित्त प्रदान की गई कुछ सरकारी योजनाओं में स्वच्छ भारत अभियान प्रधानमंत्री आवास योजना, और प्रधानमंत्री कृषि सिचाई योजना शामिल हैं। 2018-19 में, नाबार्ड के ऋण पोर्टफोलियो का लगभग 22 प्रतिशत बढ़कर 4.32 लाख करोड़ रुपये हो गया, मार्च 2019 के अंत तक बैंक के प्रबंधन के तहत परिसंपत्तियां मार्च 2019 के अंत तक 4.87 लाख करोड़ रुपये थीं। (हि.स. )
Tuesday, June 16
Breaking News
- अमेरिका-ईरान समझौते पर इजरायल का कड़ा ऐतराज, बोला- किसी डील से बंधे नहीं; फिर बढ़ा युद्ध का खतरा
- Vedanta Demerger: वेदांता से निकलीं 4 नई कंपनियां, अनिल अग्रवाल का बड़ा दावा- हर बिजनेस बनेगा $100 अरब का दिग्गज
- आंगनबाड़ी केंद्रों में PAM बैठक: बच्चों के विकास में पिता की भूमिका पर जोर
- सीमाओं की सुरक्षा की तरह महत्वपूर्ण है डेटा की सुरक्षा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
- जेवर एयरपोर्ट से किसानों का सीएम आवास तक सफर: 172 किसानों ने किया योगी से संवाद
- विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार मिशन लागू: ग्रामीण रोजगार में बड़ा बदलाव
- सभी समाजों को, उनकी परम्पराओं को जोड़ें, आल्हा-ऊदल स्मृति उत्सव और श्रावण महोत्सव भी मनायें : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
- मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मौजूदगी में एग्रो सौर पीवी के लिए हुआ एमओयू
- होर्मुज जलडमरूमध्य में 3 महीने फंसे रहे छत्तीसगढ़ के नेवी अधिकारी रुद्रांश चौबे, बोले- सिर के ऊपर से गुजरती थीं मिसाइलें
- मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मिले जीनानी कम्पनी के पदाधिकारी


