रायपुर (mediasaheb.com) बजट सत्र में चर्चा के दौरान छत्तीसगढ़ के सांसद दरबारी नहीं बल्कि दमदारी से ढाई करोड़ छत्तीसगढ़ वासियों की बात रखें | बजट का सबसे बड़ा हिस्सा ‘कनेक्टिविटी’ के लिए रखा गया है, इसका लाभ छत्तीसगढ़ को मिले: जिस तरह रायगढ़ सांसद श्रीमती गोमती साय ने रायगढ़-जशपुर-राँची रेल्वे लाइन की माँग उठाई वैसे ही कांकेर सांसद मोहन मंडावी और बस्तर सांसद दीपक बैज को 6K रेल्वे लाइन (कुम्हारी-कांकेर-केशकाल-कोंडागाँव-केशलूर-कोंटा) की माँग उठानी चाहिए, इस से बस्तर न केवल विकास की मुख्यधारा से जुड़ेगा बल्कि नक्सलवाद भी कम होगा | बिलासपुर सांसद अरुण साव और कोरबा सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत को हसदेव-अरपा नदी जोड़ो अभियान को स्वीकृति दिलाने पूरा प्रयास करना चाहिए ताकि वॉटर-वे परिवहन के साथ साथ भीषण जल संकट से निपटा जा सके, साथ ही जगदलपुर-रायपुर-बिलासपुर-सरगुज़ा विमान सेवा को भी ‘उड़ान’ योजना में शामिल करना चाहिए |
राज्य सरकार की यूनिवर्सल हेल्थ स्कीम का जब कोई अतापता नहीं है और सरकारी अस्पतालों में मृत्यु दर तिगना हो गया है तो 5 लाख तक की स्वास्थ बीमा राशि वाली आयुष्मान भारत योजना को छत्तीसगढ़ में चालू करने की सहमति दें | दुर्ग, बस्तर, सरगुजा और बिलासपुर संभागीय मुख्यालयों में भी रायपुर AIIMS की तर्ज़ पर सूपर स्पेशीऐलिटी अस्पताल एवं मेडिकल कालेज खोले जाए, इसके लिए वहाँ के सांसदों को लड़ना चाहिए |100% FDI (विदेशी निवेश) को खनिज-आधारित उद्योग में अनुमति देना पर विचार करना छत्तीसगढ़ में फिर से ईस्ट इंडिया कम्पनी का राज लाएगा, इसका हम पुरज़ोर विरोध करेंगे | उपभोग-आधारित GST प्रणाली लागू होने से उत्पादन आधारित छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था को जो हर साल 25000 करोड़ का अतिरिक्त नुक़सान हो रहा है, उसकी भरपाई केंद्र सरकार को करनी चाहिए | कम से कम 100 करोड़ की लागत वाले वृहद कृषि और वनोपज आधारित उद्योग भी आदिवासी-बाहुल्य क्षेत्रों में खोलने का बजट में प्रावधान होना चाहिए | व्यापारियों की मार्केट में पैसा की कमी दूर हो और युवाओं को स्वरोज़गार के अवसर मिले, इसके लिए बैंकों से ब्याज दर कम करने के लिए सरकार RBI पर दबाव बनाए |


