जगदलपुर, (mediasaheb.com) बस्तर में वर्षा का मौसम समाप्त हो चुका है और ठंड ने भी विदाई ले ली है। इसके कारण वन्य प्राणियों को घास की कमी से भूखे रहने की नौबत आ गई है। यह नजारा कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में 10 हेक्टेयर के क्षेत्रफल में बनाये गये अस्थाई रिजरवायर में दिख रहा है। इस रिजरवायर में चीतल, कोडरी और नीलगाय जैसे शाकाहारी वन्य जन्तु रखे गये हैं, जिन्हें घास नहीं होने से भूखा रहना पड़ रहा है। उल्लेखनीय है कि कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के इस भू-भाग में पठारी क्षेत्र अधिक हैं, जहां वर्षा के दिनों में हरा चारा घास के रूप में इन प्राणियों को सरलता से मिलता है, लेकिन वर्षा समाप्त होते ही यहां की हरियाली और लगी हुई घास सूख गई है।
घास के न रहने से वन विभाग इन वन्य प्राणियों के लिए हरी सब्जियों का चारा गत दो माह से बाजार से बुलाकर दे रहा है। लेकिन इस सब्जिनुमा चारे में बैगन की मात्रा ही अधिक रहती हैं, जिसके कारण वन्य जीवों को पर्याप्त चारा नहीं रहता है और इस उद्यान के इन वन्य जीवों के लिए और कोई आहार नहीं रहता। इस संबंध में कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के एसडीओ डीकेएस मौर्य ने जानकारी दी कि उद्यान में चल रहे इस गड़बड़ी को सुधारा जायेगा और विभिन्न प्रकार का चारा व सब्जियां लाकर दी जायेगी, ताकि जानवरों को पोषण आहार बराबर मिल सके। (हि.स.) ।


