रायपुर (media saheb.com) छत्तीसगढ़ में बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता देने का मामला विचाराधीन है और इस पर विभागीय स्तर पर विचार किया जा रहा है। बेरोजगारी भत्ता को देने के लिए इसे लागू कैसे किया जाए, इस पर भी विचार जारी है। विधानसभा में उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 31 जनवरी 2019 तक की स्थिति में 18 वर्ष से ऊपर 23 लाख 4 हजार 618 पंजीकृत बेरोजगार है। विधानसभा में भाजपा के विधायक अजय चंद्राकर ने प्रश्नकाल में बेरोजगारी भत्ता का मामला उठाया। उन्होंने पूछा था कि यह किस स्तर पर विचाराधीन है। जिसका जवाब देते हुए उच्च शिक्षा मंत्री ने उक्त जानकारी दी। इसके पूर्व विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान प्रश्न पूछे जाने के बीच सत्ता पक्ष के सदस्यों द्वारा किए जा रहे हैं टीका टिप्पणी को लेकर अध्यक्ष काफी नाराज नजर आए।
स्पीकर डॉक्टर चरणदास महंत ने इस मामले में संसदीय कार्य मंत्री को साफ तौर पर निर्देश दिया कि प्रश्नकाल के दौरान सत्ता पक्ष को समझाइए कि बीच में टीका टिप्पणी ना करें। मंगलवार को सदन में जब उच्च शिक्षा मंत्री जवाब दे रहे थे तो बीच में ही सत्ता पक्ष के सदस्यों ने टिप्पणी की। जिस पर विपक्षी सदस्यों ने नाराजगी जताई। इसी बीच संसदीय कार्य मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा कि यदि विपक्ष के सदस्य सवाल पूछे और शिवरतन शर्मा बीच में उठकर टिप्पणी करेंगे तो अमरजीत भगत को भी बोलने का अधिकार है। उनकी इस टिप्पणी पर विपक्षी नाराज हो गए। जिस पर विधानसभा अध्यक्ष ने व्यवस्था देते हुए कहा कि विपक्ष के सदस्यों को पूरक प्रश्न करने का अधिकार है, लेकिन अनावश्यक प्रश्न पूछने का अधिकार नहीं है। प्रश्नकाल खत्म होने के बाद विपक्षी सदस्यों ने इसे व्यवस्था का प्रश्न बताया। वरिष्ठ भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि आसंदी की व्यवस्था के बाद भी विपक्षी सदस्यों को प्रश्न पूछने में बाधा करें तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है। अजय चंद्राकर व शिवरतन शर्मा ने कहा कि प्रश्नकाल में बाधा डालने में संसदीय कार्यमंत्री भी शामिल है।(हि.स. )।


