विपक्ष को एक दिन पहले मिलना चाहिए था प्रतिवेदन
रायपुर, (media saheb.com) राज्य विधानसभा के सत्र के दाैरान अनुदान मांगों पर चर्चा के लिए समय तय होने के बाद भी सत्तापक्ष सदन में चर्चा के लिए तैयार नहीं हो पाया। वजह ये कि सरकार द्वारा प्रस्तुत किया जाने वाला प्रशासकीय प्रतिवेदन वितरित नहीं हो पाया। संसदीय कार्यों के जानकारों का कहना है कि यह एक सामान्य बात है, किसी कारण से प्रशासकीय प्रतिवेदन वितरित न होने के बाद उसे किसी अन्य दिन के लिए रख लिया जाता है। पूर्व में वर्ष 2002 में इस प्रकार हो चुका है।
दूसरी ओर मामले को लेकर यह भी कहा जा रहा है कि राज्य गठन के दस साल पहले से लेकर अब तक संभवतया पहली बार हो रहा है। अनुमान है कि इस घटनाक्रम को लेकर सियासी बयान तेज हो सकते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री डा.रमन सिंह ने इस घटना को छत्तीसगढ़ विधानसभा के इतिहास की पहली घटना बताया है। विधानसभा सत्र के दाैरान पहले दिन की कार्रवाई स्थगित कर दी गई है।


