मेरठ
गंगा एक्सप्रेसवे अब प्रयागराज से हरिद्वार तक जाएगा. उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच MoU मंजूर होने से विस्तार का रास्ता साफ हो गया है. ऐसे में अब गंगा एक्सप्रेसवे दोनों राज्यों के बीच तक चला जाएगा. जिससे मेरठ से हरिद्वार की दूरी 3 घंटे की जगह 90 मिनट में पूरी हो जाएगी. पहले गंगा एक्सप्रेसवे प्रयागराज से मेरठ तक होने की वजह से कुल दूरी 594 किलोमीटर थी, हरिद्वार तक विस्तार के बाद इसकी कुल दूरी 741 किलोमीटर हो जाएगी. अब यह एक्सप्रेसवे यूपी और उत्तराखंड के कुल 15 शहरों से होकर गुजरेगा. गंगा एक्सप्रेसवे का हरिद्वार तक विस्तार पूरा होने के बाद प्रयागराज से हरिद्वार के बीच की यात्रा का समय घटकर मात्र 7 से 8 घंटे रह जाएगा. पहले इसमें 12 से 14 घंटे का समय लगता था।
गंगा एक्सप्रेसवे का दूसरा चरण
गंगा एक्सप्रेसवे का पहला चरण पूरा हो चुका है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 अप्रैल 2026 को इसके पहले चरण का शुभारंभ किया था. जहां यह प्रयागराज से मेरठ तक जाता है. वहीं अब दूसरे चरण के तहत उत्तराखंड के हरिद्वार तक इसका विस्तार होगा. इसके बाद यह देश के दो प्रमुख राज्यों उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को आपस में जोड़ देगा. ऐसे में न केवल यूपी और उत्तराखंड के बीच की कनेक्टिविटी बढ़ेगी, साथ ही स्पीड भी तेज होगी. इसके बाद तीसरे चरण में प्रयागराज-बलिया लिंक तक विस्तार होगा. यह 314 किलोमीटर होगा. ऐसे में तीनों चरणों को मिलाकर गंगा एक्सप्रेसवे की कुल दूरी 1,049 किलोमीटर से अधिक हो जाएगी।
इन 15 शहरों को कनेक्ट करेगा
हरिद्वार
बिजनौर
अमरोहा
मेरठ
हापुड़
बुलंदशहर
अमरोहा
संभल
बदायूं
शाहजहांपुर
हरदोई
उन्नाव
रायबरेली
प्रतापगढ़
प्रयागराज
हरिद्वार तक जाने से चारधाम तक बढ़ेगी कनेक्टिविटी
गंगा एक्सप्रेसवे का विस्तार हरिद्वार तक जाने से उत्तराखंड में चार धाम यात्रा का विस्तार भी तेज होगा. यह एक्सप्रेसवे उत्तराखंड के चार धाम हाईवे से सीधा कनेक्ट हो जाएगा. इससे पूर्वांचल और पश्चिमी यूपी से आने वाले यात्री मंगलौर-रूड़की के रास्ते सीधे केदारनाथ-बद्रीनाथ यात्रा के रूट पर चढ़ सकेंगे।
8 लेन एक्सप्रेसवे विस्तार की योजना
यह एक फुली एक्सेस-कंट्रोल एक्सप्रेसवे है, जिसमें आवारा पशुओं को रोकने के लिए दोनों तरफ स्टील फेंसिंग है. इसमें यात्रियों की सुविधा के लिए 19 एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स (इंटरचेंज) बनाए गए हैं. इसे 6-लेन के रूप में बनाया गया है, जिसे भविष्य में आसानी से 8-लेन तक चौड़ा किया जा सकता है।
प्रयागराज की दिल्ली से होगी कनेक्टिविटी
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के रास्ते इस हाईवे पर आकर दिल्ली से प्रयागराज का सफर अब सिर्फ 7 से 8 घंटे का रह गया है. प्रयागराज से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और एनएच-19 के जुड़ाव के कारण अब दिल्ली से वाराणसी की दूरी भी 8 से 9 घंटे में तय की जा सकती है. 36,230 करोड़ से अधिक की लागत से तैयार यह एक्सप्रेसवे न सिर्फ उत्तर प्रदेश के दो छोरों को आपस में मिलाता है, बल्कि दिल्ली-एनसीआर से लेकर पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार सीमा तक के सफर को बेहद आसान बना रहा है।


