पटना
बांका जिले में 131 करोड़ रुपये से अधिक के अवैध बालू खनन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है।
ईडी की पटना क्षेत्रीय टीम ने महादेव एनक्लेव प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े आठ ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की है। यह कार्रवाई धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) की जांच के तहत की जा रही है।
प्रवर्तन निदेशालय के सूत्रों के अनुसार, महादेव एनक्लेव प्राइवेट लिमिटेड का नियंत्रण राजस्थान के श्रीगंगानगर निवासी चंदक परिवार के पास है।
बड़े पैमाने पर किया अवैध खनन
कंपनी का संचालन अशोक चंदक और उनके बेटे राघव चंदक कर रहे हैं। जांच में सामने आया है कि कंपनी ने वित्त वर्ष 2015-16 से 2022-23 के बीच बांका जिले में बड़े पैमाने पर अवैध बालू खनन किया।
इसकी जानकारी राज्य के खनन विभाग को भी नहीं हो सकी। मामले की जांच के दौरान ईडी ने पटना से बांका जिले के बालू घाटों का भू-स्थानिक अध्ययन कराया।
खान एवं भू विज्ञान विभाग ने कराई एफआईआर
संस्थान की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि कंपनी ने करीब 131 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की बालू का अवैध खनन किया।
इसके बाद ईडी ने धन शोधन निवारण कानून की संबंधित धारा के तहत यह जानकारी बिहार राज्य खनन निगम को भेजी।
इसी आधार पर खान एवं भूविज्ञान विभाग ने 21 अगस्त 2025 को बांका में प्राथमिकी संख्या 365/2025 दर्ज कराई, जिसकी जांच अभी जारी है।
फिलहाल ईडी की छापेमारी आठ स्थानों पर चल रही है। इनमें बिहार के बांका और पटना, दिल्ली तथा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के ठिकाने, राजस्थान के श्रीगंगानगर में चार और जयपुर में एक स्थान शामिल है।


