अहमदाबाद
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने आईपीएल 2026 में इतिहास रचते हुए चैंपियन का ताज अपने सिर सजा लिया है. अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए फाइनल मैच में आरसीबी ने गुजरात टाइटंस को 5 विकेट से मात देकर लगातार दूसरी बार ट्रॉफी पर कब्जा किया. पिछले सीजन आरसीबी ने फाइनल में पंजाब किंग्स को हराकर पहली बार आईपीएल ट्रॉफी उठाई थी. अब रजत पाटीदार की इस टीम ने टाइटल को डिफेंड किया है. इस ऐतिहासिक खिताबी जीत के बाद चैंपियन बेंगलुरु पर पैसों की बारिश हुई. आइए जानते हैं आरसीबी को कितने करोड़ का इनाम मिला. साथ ही यह भी जानेंगे की रनरअप गुजरात टाइटंस और नौ टीमों की झोली में कितने करोड़ रुपये आए।
विजेता आरसीबी को मिले कितने करोड़?
आईपीएल 2026 की चमचमाती ट्रॉफी उठाने के साथ ही चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को ₹20 करोड़ की भारी-भरकम इनामी राशि दी गई. यह आरसीबी के इतिहास का एक और सुनहरा पन्ना है, जहां टीम ने न सिर्फ फैंस का दिल जीता, बल्कि लगातार दूसरी बार खिताब जीतने का कारनामा किया. मुंबई इंडियंस और चेन्नई सुपर किंग्स के बाद आरसीबी इस उपलब्धि को नाम करने वाली टीम बनी है. फाइनल मुकाबला हारने के बावजूद उप-विजेता रही गुजरात टाइटंस खाली हाथ नहीं लौटी. शुभमन गिल की कप्तानी वाली इस टीम को ₹13 करोड़ रुपये मिले।
प्लेऑफ की बाकी टीमों पर भी बरसा पैसा
BCCI ने सिर्फ फाइनल खेलने वाली टीमों को ही नहीं, बल्कि प्लेऑफ तक का सफर तय करने वाली बाकी दोनों टीमों को भी करोड़ों के इनाम से नवाजा. क्वालिफायर-2 में हारने वाली राजस्थान की टीम को ₹7 करोड़ मिले. एलिमिनेटर मैच में बाहर होने वाली हैदराबाद की टीम को ₹6.5 करोड़ की इनामी राशि मिली. बीसीसीआई ने आईपीएल 2026 के लिए कुल ₹46.5 करोड़ से ज्यादा का प्राइज पूल तैयार किया था, जो शीर्ष 4 टीमों के बीच बांटा गया. पांचवें से दसवें स्थान पर रहने वाली टीमों को कोई आधिकारिक प्राइज मनी नहीं मिलती है।
कैसे बंटता है यह पैसा?
आईपीएल के नियमों के मुताबिक, जो भी प्राइज मनी टीम जीतती है, वह सीधे किसी एक की जेब में नहीं जाती. इसका एक तय गणित है. कुल इनामी राशि का आधा हिस्सा (जैसे आरसीबी के ₹20 करोड़ में से ₹10 करोड़) टीम के सभी खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ में बराबर या उनके प्रदर्शन के आधार पर बांट दिया जाता है. बाकी का आधा हिस्सा फ्रेंचाइजी के मालिकों के खाते में जाता है।
पहले सीजन से 316 की बढ़ोतरी
साल 2008 में जब आईपीएल का पहला सीजन खेला गया था, तब शेन वॉर्न की कप्तानी में राजस्थान रॉयल्स ने खिताब जीता था और उन्हें सिर्फ ₹4.80 करोड़ मिले थे. आज 18 साल बाद 2026 में प्राइज मनी 316.67% बढ़कर ₹20 करोड़ हो चुकी है, जो दिखाता है कि यह लीग दुनिया की सबसे अमीर क्रिकेट लीग क्यों है. इसके अलावा ऑरेंज कैप और पर्पल कैप जीतने वाले खिलाड़ियों को भी ₹10-10 लाख रुपये के नकद पुरस्कारों के साथ-साथ अन्य व्यक्तिगत अवॉर्ड्स के रूप में करीब ₹1 करोड़ तक की अतिरिक्त राशि दी गई है।


