बीजापुर.
भोपालपटनम नगर पंचायत में सामने आए 62 लाख रुपए की वित्तीय गड़बड़ी मामले में राज्य शासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) विकास पाटले और लेखापाल सूर्यकिरण चिडेम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग से जारी आदेश के बाद विभागीय हलकों में हड़कंप मच गया है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों अधिकारियों ने पदस्थापना के दौरान पार्षदों से सांठगांठ कर संदेहास्पद तरीके से मांग पत्र तैयार किए और सामग्री खरीदी में भंडार क्रय नियमों व निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया। जांच में यह भी पाया गया कि अटल चौक निर्माण कार्य में मद परिवर्तन कर 15वें वित्त आयोग की राशि से बिना सक्षम अनुमति भुगतान किया गया।मामले में बिना अवकाश स्वीकृति के अग्रिम वेतन आहरण का तथ्य भी सामने आया है। शासन के मुताबिक इन सभी मामलों में करीब 62 लाख रुपए की गंभीर वित्तीय अनियमितता पाई गई। इसके बाद दोनों अधिकारियों को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए कार्रवाई की गई।
राज्य शासन ने इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-3 का उल्लंघन और गंभीर कदाचार माना है। इसी आधार पर विकास पाटले को छत्तीसगढ़ राज्य नगर पालिका सेवा भर्ती एवं सेवा शर्त नियम 2017 के नियम-33 तथा सूर्यकिरण चिडेम को नगर पालिका कर्मचारी सेवा नियम 1968 के नियम-53 के तहत निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में दोनों अधिकारियों का मुख्यालय संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास, क्षेत्रीय कार्यालय जगदलपुर निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा। वहीं विभागीय कार्रवाई के तहत आरोप पत्र तैयार करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
जांच में सामने आईं ये गड़बड़ियां
- पार्षदों से सांठगांठ कर मांग पत्र तैयार किया गया।
- सामग्री खरीदी में भंडार क्रय नियमों का उल्लंघन किया गया।
- अटल चौक निर्माण कार्य में मद परिवर्तन किया गया।
- 15वें वित्त आयोग की राशि से बिना अनुमति भुगतान किया गया।
- बिना छुट्टी स्वीकृति अग्रिम वेतन आहरण किया गया।


