सशक्त भारत बनाने सबका योगदान जरूरी मेजर डॉ. सुरेंद्र पुनिया के विचारः एमआईटी डब्ल्यूपीयू में ७७ वां गणतंत्र दिन मनाया
पुणे,(mediasaheb.com) : ” हमे जो भारत विरासत में मिला है, उसे मजबूत करने के लिए आगे बढ़ना चाहिए. घुसपैठी, संविधान में बदलाव, लक्ष्य तय करना और सभी को सेहत के लिए प्रेरित करना चाहिए. साथ ही भारतीय संस्कृति, सभ्यता और परंपरा की संभाल करना चाहिए. ये विचार फिटिस्टान-एक फिट भारत के संस्थापक तथा द स्पेशल फोर्स के मेजर डॉ. सुरेंद्र पुनिया ने रखे.
एमआईटी शिक्षण संस्था समूह, पुणे और एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी ने कोथरुड कैंपस में 77 वां. गणतंत्र दिवस मनाया. वे इस मौके पर बतौर मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे. इस मौके पर संस्थापक विश्वस्त प्रा.पी.बी.जोशी तथा एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी के कार्याध्यक्ष डॉ. राहुल विश्वनाथ कराड ने झंडा फहराया
इस अवसर पर ले. कर्नल ऋषिकेश बर्गे, एमआईटी डे डीन प्रो.शरदचंद्र दराडे पाटिल, डब्ल्यूपीयू के कुलपति डॉ. आर.एम.चिटणीस, सीएओ डॉ. प्रसाद खांडेकर, रजिस्ट्रार प्रो.गणेश पोकळे, माईर के रजिस्ट्रार डॉ. रत्नदीप जोशी सहित माईर के अंतर्गत आने वाले विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी, प्राचार्य, प्रोफेसर, शिक्षक और विद्यार्थी बडी संख्या में उपस्थित थे. ध्वजारोहण के बाद विद्यार्थियों ने देशभक्ति से ओतप्रोत कार्यक्रम प्रस्तुत किया. एनसीसी के कैडेट्स द्वारा प्रस्तुत परेड ने सभी का मन मोह लिया. मेजर डॉ. सुरेंद्र पुनिया ने कहा, सैनिकों के लिए राष्ट्र और समाज सबसे पहले आता है. इसीलिए प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राष्ट्र निर्माण और स्वस्थ समाज के लिए प्रतिदिन 35 करोड लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं. ऐसे समय में सभी का दायित्व है कि वे एक दूसरे को स्वास्थ्य के लिए प्रेरित करें.
प्रा.पी.बी.जोशी ने कहा, राष्ट्र निर्माण के लिए युवाओं को कोई भी काम करते समय लक्ष्य तय करना चाहिए, रोजाना कम से कम २ घंटे मैदान पर खेलना चाहिए और काम करते समय 5 साल तक कोई भी नौकरी नहीं छोडनी चाहिए. इससे छात्रों में अपने काम और देश के लिए सम्मान पैदा होगा.
डॉ. राहुल विश्वनाथ कराड ने कहा, राष्ट्र निर्माण के लिए हम युवाओं में सकारात्मक बदलाव लाना चाहते हैं. इसके लिए लाइफ ट्रांसफॉर्मेशन सेंटर बनाकर युवाओं को शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक रूप से विकसित करने की कोशिश की जा रही है. इसके जरिए उन्हें भारतीय संस्कृति और परंपरा से जोड़ने की कोशिश की गई है. देश की सभी समस्याओं का जवाब शिक्षण संस्थानों में मिल सकता है. इसके लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से उच्च शिक्षा में एनसीसी को जरूरी बनाने के लिए बातचीत की है. डॉ. आर.एम.चिटणीस ने प्रस्तावना रखी. डॉ.प्रसाद खांडेकर ने डब्ल्यूपीयू द्वारा चलाए जाने वाले काम का रिव्यू दिया. प्रो.डॉ. गौतम बापट ने सूत्रसंचालन किया. छात्र प्रताप फुंडे ने आभार माना.


