लोणी-कालभोर (पुणे): एमआईटी आर्ट, डिज़ाइन एंड टेक्नोलॉजी विश्वविद्यालय, विश्वराजबाग, पुणे स्थित मॅनेट भवन प्रांगण में 77वां गणतंत्र दिवस अत्यंत उत्साह और गरिमामय वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विशिष्ट सेवा पदक (VSM) से सम्मानित एवं पूर्व महानिदेशक, आयुध सेवा (DGOS) लेफ्टिनेंट जनरल आर. के. कुशवाहा (सेवानिवृत्त) के कर-कमलों द्वारा ध्वजारोहण से हुआ।
इसके पश्चात विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों एवं सांस्कृतिक नृत्य कार्यक्रमों ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया तथा संपूर्ण परिसर देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत हो उठा।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कार्याध्यक्ष प्रो.डाॅ.मंगेश कराड, कुलगुरु प्रो. डॉ. राजेश एस., प्रोवोस्ट डॉ. सायली गणकर, प्र-कुलगुरु डॉ. मोहित दुबे, डॉ. रामचंद्र पुजेरी, डॉ. नचिकेत ठाकूर, कुलसचिव डॉ. महेश चोपड़े, मॅनेट के प्राचार्य कैप्टन प्रेरित मिश्रा, विद्यार्थी कल्याण विभाग के निदेशक डॉ. सुरज भोयार सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित थे।
अपने संबोधन में लेफ्टिनेंट जनरल कुशवाहा ने कहा कि भारत सही अर्थों में विविधता में एकता का प्रतीक है। भाषा, संस्कृति, धर्म एवं आयु के विभिन्न आयामों में यह विविधता स्पष्ट रूप से परिलक्षित होती है, जिसका अनुभव उन्हें आज एमआईटी एडीटी विश्वविद्यालय में भी हुआ। उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि जीवन में परिश्रम का कोई विकल्प नहीं है। सफलता और असफलता एक ही सिक्के के दो पहलू हैं; अतः असफलता से विचलित हुए बिना निरंतर प्रयास करने से सफलता अवश्य प्राप्त होती है।
इस अवसर पर प्रो. डॉ. कराड ने कहा कि गणतंत्र दिवस स्वतंत्रता संग्राम में बलिदान देने वाले वीर सपूतों को स्मरण करने और उन्हें नमन करने का दिन है। उन्होंने बताया कि गत वर्ष भारत ने अनेक क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है और नागरिकों से अपील की कि वे लोकतंत्र से प्राप्त अधिकारों का विवेकपूर्ण उपयोग करते हुए विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान दें।
कार्यक्रम का प्रस्तावना, संचालन एवं आभार प्रदर्शन महाराष्ट्र नौदल शिक्षा एवं प्रशिक्षण अकादमी (मॅनेट) के कैडेट्स द्वारा किया गया। वहीं एमआईटी सीबीएसई स्कूल एवं विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने देशभक्ति नृत्य प्रस्तुत कर सभी का ध्यान आकर्षित किया।


