नई दिल्ली (mediasaheb.com)| सरकार ने भारत एवं चीन के बीच सीमावर्ती क्षेत्रों में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर अप्रैल 2020 के पूर्व की स्थिति बहाल होने को ‘सुधार की दिशा’ बताते हुए आज साफ किया कि भारत चीन संबंधों में प्रगति के लिए सीमा क्षेत्रों में शांति एवं सौहार्द बनाए रखना एक पूर्व-आवश्यकता है और हम अपने राष्ट्रीय सुरक्षा हितों को सर्वोपरि रखते हुए ही आगे बढ़ेंगे।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने लोकसभा में चीन के साथ 21 अक्टूबर को हुए समझौते तथा उसके बाद भारत एवं चीन के द्विपक्षीय संबंधों में प्रगति को लेकर एक वक्तव्य दिया। उन्होंने कहा, “मैं सदन को भारत चीन सीमा क्षेत्रों में हाल ही में घटी कुछ घटनाओं और हमारे समग्र द्विपक्षीय संबंधों पर उनके प्रभावों से अवगत कराना चाहता हूँ। सदन को पता है कि 2020 से हमारे संबंध असामान्य रहे हैं, जब चीनी कार्रवाइयों के परिणामस्वरूप सीमा क्षेत्रों में शांति और सौहार्द भंग हुआ था। हाल की घटनाएँ, जो तब से हमारे निरंतर कूटनीतिक जुड़ाव को दर्शाती हैं, ने हमारे संबंधों को कुछ सुधार की दिशा में स्थापित किया है।” (वार्ता)
Thursday, March 26
Breaking News
- एमपी में बढ़ रहा पानी: 128 प्रतिशत वृद्धि के साथ देश में पहले स्थान पर, अमृत सरोवरों के क्रियान्वयन में भी अग्रणी
- इंदौर नगर निगम का अल्टीमेटम: व्यावसायिक इमारतों को नोटिस, बेसमेंट से बाजार हटाने का सख्त आदेश
- इंदौर संभाग में जल गंगा संवर्धन अभियान को मिल रहा जनआंदोलन का रूप
- रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या जाएंगे दिग्विजय सिंह, पूरा करेंगे अपना संकल्प
- ईरान जंग का असर: हल्दी के दाम ₹3,500 प्रति क्विंटल घटे, किसानों में चिंता
- AIIMS Bhopal: OPD में ‘पर्चा’ बनवाने का तरीका बदला, अब नहीं लगेगी लाइन
- इस साल होगा IPL का सबसे बड़ा सीजन: 84 मैच होंगे, हर टीम खेलेगी 16 मुकाबले, 28 मार्च से शुरू
- महिला आरक्षण 2029 में हो सकता है लागू, 50% सीटें बढ़ाने का हुआ फॉर्मूला तैयार
- भारतीय AI स्टार्टअप की नई पहल, 2,347 करोड़ से खुलेंगे कई नए अवसर
- छिपा एक नक्सल लीडर, दूसरा फरार, कई नक्सलियों ने किया सरेंडर… बस आखिरी चोट बाकी


