साहस हो तो जीरम जांच को बाधित करने वाली केन्द्र सरकार की कार्यवाहियां बंद करवायें
पेगासस मामले में रमन सिंह चुनौती न देकर सच्चाई को स्वीकार करने की नैतिकता दिखायें
रायपुर, (media saheb.com) रमन सिंह जी की चुनौती को खोखली और कोरी बौखलाहट करते हुये प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि रमन सिंह जी को बताना चाहिये कि उनकी सरकार ने एनएसओ और पेगासस से डील की या नहीं? रमन सिंह जी से कांग्रेस ने पूछा है कि पनामा मामले में भी चुनौती देंगे क्या? रमन सिंह जी चुनौती देने के बजाय सीधे-सीधे यह बतायें कि इजरायली कंपनी एनएसओ का प्रतिनिधिमंडल छत्तीसगढ़ आये थे या नहीं? भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रमन सिंह जी की पार्टी भाजपा की केन्द्र में सरकार कब पेगासस मामले की न्यायिक जांच करायेगी? रमन सिंह जी को यह भी बताना चाहिये कि एनएसओ ने किसके कहने से देश के पत्रकारों, मंत्रियों और विपक्षी नेताओं की जासूसी कराई। रमन सिंह जी यह भी बतायें कि एनएसओ कंपनी के प्रतिनिधी जब छत्तीसगढ़ आये थे तो जासूसी साफ्टवेयर पेगासस का प्रेसेन्टेशन सरकार के किस अधिकारी के सामने दिया गया था? पेगासस के प्रेसेन्टेशन रमन सिंह जी की जानकारी में हुआ था या नहीं? 1 नवंबर 2019 को संडे गार्जियन का खुलासा हुये चार साल नहीं 620 दिन ही तो हुये है, चार साल में तो 1460 दिन होते है। पेगासस में अभी हुये खुलासे से तो एक हफ्ता भी नहीं बीता।
गंदगी की बात करने वाले रमन सिंह जी से प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने पूछा है कि आंखफोड़वा कांड में घटिया दवाईयों की आपूर्ति के कारण मोतियाबिंद का आपरेशन कराने वाले 50 से अधिक बुजुर्गो की आंख जाने की गंदगी रमन सिंह को याद है या नहीं। गंदगी नसबंदी कांड, नान घोटाला, गर्भाशय कांड, अंखफोड़वा कांड की याद है या नहीं। रमन सिंह जी को नसबंदी कांड में 17 महिलाओं की जान जाने के कारणों की गंदगी याद है? गरीबों का चावल बांट कर वाहवाही बटोर कर चाउर वाले बाबा बनने के बावजूद 36 हजार करोड़ का नान घोटाले की गंदगी रमन सिंह जी को याद है या नहीं? अच्छा काम कर रही, गरीबों के लिये, महिलाओं के लिये, किसानों के लिये, छात्रों के लिये अच्छा काम कर रही कांग्रेस सरकार पर रमन सिंह गंदगी का गंदा झूठा आधारहीन आरोप लगाते है। किसानों के 9000 करोड़ की कर्जमाफी रमन सिंह को गंदगी लगती है। किसानों के धान की 2500 रू. प्रतिक्विंटल में खरीद पहले साल 82 लाख टन, दूसरे साल 85 लाख टन और पिछले साल 92 लाख टन धान की खरीद में रमन सिंह जी को गंदगी दिखाई देती है। जिनके 15 साल के कार्यकाल में धान की औसत खरीद सिर्फ 50 लाख टन प्रतिवर्ष रही।कांग्रेस ने बोनस दिया, कर्जमाफी की, 2018 में जो 5400 क्विंटल वनोपज का संग्रहण होता था वह 2021 में बढ़कर 621176 क्विंटल-115 गुना बढ़ी है। इतना अच्छा काम करने वाली कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार पर झूठे आरोप लगाना बेहद शर्मनाक है और छत्तीसगढ़ की राजनीति की सबसे बड़ी गंदगी है।
रमन सिंह जी की खोखली चुनौतियों पर आश्चर्य व्यक्त करते हुये प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि रमन सिंह जी के हाथ इतने ही साफ है तो 2013 से 2018 तक झीरम की जांच को रमन सिंह जी द्वारा नियुक्त नोडल अधिकारी क्यों बाधित करते रहे? 15 वर्ष तक मुख्यमंत्री रहे रमन सिंह को कांग्रेस चुनौती देती है कि साहस हो तो झीरम जांच को बाधित करने वाली केन्द्र सरकार की कार्यवाहियां बंद करवायें। छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल की सरकार बनने के बाद जीरम की जांच शुरू करने की हर कोशिश को केंद्र सरकार की एजेंसी एनआईए क्यों बाधित करती है? झीरम में रमन सिंह जी क्या छुपा रहे। रमन सिंह जी झीरम को लेकर भी चुनौती देने की नैतिक साहस दिखायेंगे क्या? For English News : the states.news


