नई दिल्ली, (mediasaheb.com )। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने दिल्ली में सरकारी कंपनियों के प्रमुखों के साथ शनिवार को बैठक कर पूंजी खर्च पर चर्चा की। बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर निर्मला सीतारमण ने कंपनियों से कहा कि वे सर्विस प्रोवाइडर, वेंडरों और ठेकेदारों के बकाया का भुगतान 15 अक्टूबर तक करें। साथ ही उन्होंने कहा कि इसमें कोई बहाना नहीं चलेगा।
वित्तमंत्री ने सरकारी कंपनियों से भुगतान संबंधी मामलों के लिए एक नया पोर्टल शुरू करने के लिए भी कहा है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि इससे सर्विस प्रोवाइडर के बिल और भुगतान संबंधी जानकारी ट्रैक की जा सके। उन्होंने कंपनियों से अगले चार तिमाही की खर्च योजना भी मांगी है।
निर्मला सीतारमण के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद वित्त सचिव राजीव कुमार ने बताया कि 34 सरकारी कंपनियां अगस्त,2019 तक 48,077 करोड़ रुपये खर्च कर चुकी हैं। दिसंबर तक 50,159 करोड़ रुपये के खर्च की योजना है। उन्होंने कहा कि जनवरी-मार्च तिमाही में 54,700 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना है। वहीं व्यय सचिव जी.सी. मुर्मू ने कहा कि सभी 242 सरकारी कंपनियां कुल 4 लाख करोड़ रुपये खर्च करेंगी।
उल्लेखनीय है कि अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए सरकार खर्च बढ़ाने पर जोर दे रही है। वित्तमंत्री ने एक दिन पूर्व भारत सरकार के प्रमुख मंत्रालयों के सचिवों और वित्तीय सलाहकारों के साथ बैठक कर पूंजी और खर्चों की समीक्षा की। सीतारमण ने बैठक के बाद मंत्रालयों से सर्विस प्रोवाइर का बकाये का भुगतान जल्द करने के लिए कहा। वहीं, उन्होंने अगली चार तिमाही के लिए पूंजी खर्च की योजना भी मांगी है। ( हि स )

