रायपुर, (media saheb.com) | इस वर्ष भाद्रपद शुक्ल पक्ष मात्र 13 दिन का पक्ष है। दिनांक 8/9/ 2021 से प्रारंभ होकर दिनांक 20/9/ 2021 को समाप्त होने वाला यह पक्ष मात्र 13 दिन का है सामान्यतया पक्ष 15 दिन का होता है परंतु जब तिथि की वृद्धि हो जाती है तो वही पक्ष 16 दिन का हो जाता है, और जब कभी तिथि का ह्रास हो जाता है तो वही पक्ष 14 दिन का हो जाता है । किंतु 13 दिन का पक्ष हजारों वर्षों बाद आता है।इस बार दो तिथियों का, द्वितीय और त्रयोदशी का क्षय हो गया है अतः यह पक्ष मात्र 13 दिन का रह जाता है,इसे “विश्व घस्र”पक्ष कहते हैं,विश्व=13 घस्र=पक्ष अर्थात् 13दिन का पक्ष। यह बहुत बड़ा दुर्योग है, हजारों वर्ष बाद ऐसा दुर्योग आता है महाभारत युद्ध के पहले 13 दिन के पक्ष का दुर्योग काल आया था, जिससे बड़ी जनधन हानि हुई थी तथा घनघोर युद्ध भी हुआ था। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार-
“पक्षस्य मध्ये द्वितिथि पतेतां यदा भवेद्रौरव काल योगः। पक्षे विनष्टं सकलं विनष्ट मित्याहुराचार्यवराः समस्ताः।।”
पक्ष के मध्य में यदि दो तिथियों की हानि होती है तो यह “रौरव काल” संज्ञक दुर्योग होता है ज्योतिष शास्त्र में इसकी बड़ी निन्दा की गई है। ऐसा दुर्योग हजारों वर्षों बाद प्राप्त होता है।इसके प्राप्त होने से अतिवृष्टि, अनावृष्टि, राजसत्ता का परिवर्तन, विप्लव, वर्ग भेद आदि उपद्रव होने की संभावना वर्ष पर्यंत तक रहती है। आचार्यों का मत है कि-
त्रयोदशदिने पक्षे तदा संहरते जगत्। अपिवर्षसहस्रेण कालयोगःप्रकीर्तितः।
समस्त प्रकृति को पीड़ित करने वाला यह दुर्योग संक्रामक रोगों की भी वृद्धि कर सकता है अतः यत्न पूर्वक इस पक्ष का मांगलिक कार्य,व्रतारम्भ, उद्यापन, भूमि भवन का क्रय विक्रय, गृह प्रवेश आदि शुभकार्यों मेंभी इस दुर्योग का सर्वथा परित्याग कर देना चाहिए,ऐसा ज्योतिष शास्त्र का अभिमत है। रायपुर, (media saheb.com)

