बिलासपुर (mediasaheb.com) छत्तीसगढ़ में लोकसभा चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में कांग्रेस और भाजपा के भीतर टिकट को लेकर जोर आजमाइश शुरू हो गई है। दोनों पार्टियों का शीर्ष नेतृत्व पार्टी में उम्मीदवार के लिए मंथन करने में जुटा है। बिलासपुर लोकसभा के लिए दावेदारों की संख्या तकरीबन आधा दर्जन है । कांग्रेस और भाजपा ने अपने-अपने लेबल पर चुनिंदा नाम तय कर लिए हैं। कांग्रेस से दमदार कैंडिडेट की बात करें तो सभी को लगता है कि पार्टी उन पर विश्वास जताएगी और उन्हें ही लोकसभा की टिकट दी जाएगी। इस दौड़ में दो दिग्गज कांग्रेसी नेता अटल श्रीवास्तव और वाणी राव शामिल हैं। अटल श्रीवास्तव प्रदेश महामंत्री हैं और विधानसभा लड़ने की इच्छा जताई थी। उन्हें उम्मीद है पार्टी लोकसभा के लिए उन पर भरोसा करेगी। वहीं बिलासपुर नगर निगम की महापौर रहीं दिग्गज नेत्री वाणी राव अपने कार्यों और राष्ट्रीय नेतृत्व के भरोसे पर दावेदार हो सकती हैं।
पार्टी सूत्रों की माने तो वाणी राव कांग्रेस छोड़कर पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की पार्टी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ में शामिल हो गई थी। कुछ समय बाद कांग्रेस में वापसी हुई है। दोनों नेता अपनी-अपनी जगह पार्टी के लिए बेहद उपयोगी रहे हैं। बीजेपी में भी दावेदारों की फेहरिस्त लंबी है। सभी अपने हितैषी राष्ट्रीय नेताओं से सम्पर्क में जुटे हैं। इस दौड़ में बिलासपुर के चार बार के विधायक और मंत्री रहे अमर अग्रवाल, लखनलाल साहू, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक के करीबी भूपेंद्र सवन्नी, आलेख वर्मा, हेमेंद्र गोस्वामी हैं। सभी नेताओं को लगता है कि पार्टी के शीर्ष नेता उन पर भरोसा करते हैं। दोनों ही नेताओं ने टिकट मिलने की पूरी उम्मीद जताई है, वहीं टिकट वितरण और उसके बाद होने वाले राजनीतिक विरोध और बयान बाजी जैसे चीजों के लिए भी खुद को तैयार कर लिया है।
टिकट किसी एक को ही मिलेगी और बाकी नेता कांग्रेस की परंपरा के अनुसार अपना असंतोष जताने के लिए सड़कों पर उतर सकते हैं, लेकिन इस वक्त सभी को अपनी किस्मत आजमाने का मौका मिला है, लिहाजा इनमें से कुछ नेता तो दिल्ली में बैठकर अपने-अपने आकाओं की शरण में हैं। निर्वाचन आयोग ने चुनाव की तिथियों की घोषणा कर दी है। जिसके मद्देनजर लोकसभा चुनाव में दोनों पार्टी जल्द ही उम्मीदवार की घोषणा कर सकती है।(हि.स.)


