अमेजन एवं फ्लिपकार्ट देश के लिए आर्थिक महामारी
देश के सभी राजनैतिक दलों की चुप्पी 7 करोड़ व्यापारियों के लिए बेहद घातक
रायपुर, (mediasaheb.com) काॅन्फेडरेशन आॅफ आल इंड़िया टेªडर्स (कैट) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष मगेलाल मालू, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष विक्रम सिंहदेव, प्रदेश महामंत्री जितेंद्र दोशी, प्रदेश कार्यकारी महामंत्री परमानंद जैन, प्रदेश कोषाध्यक्ष अजय अग्रवाल, वरिष्ट उपाध्यक्ष राम मंधान एवं प्रदेश प्रवक्ता राजकुमार राठी ने बताया कि कॉन्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने आज शाम 4 बजे घड़ी चैक मेे विरोध प्रदर्शन किया गया । तथा जिलाधीश के प्रतिनिधी द्वारा विरोध प्रदर्शन स्थल में आकर टीम कैट से माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नाम से ज्ञापन प्राप्त किया।
रायपुर शहर के 90 से अधिक व्यापारीक संगठनों एवं व्यापारी बन्धुओं ने विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए तथा विरोध प्रदर्शन में विभिन्न व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारियों एवं व्यापारीगण ने अमेजन, फ्लिपकार्ट और अन्य ई-कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी किया । तथा केन्द्र सरकार से अमेजन, फ्लिपकार्ट और अन्य ई-कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ कठोर कार्यवाही करने की मांग की।
कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी ने बताया कि प्रदेश के साथ-साथ देश भर के व्यापारिक समुदाय द्वारा अमेजाॅन, फ्लिपकार्ट और अन्य ई-कॉमर्स कंपनियों का विरोध किया जा रहा है जिसके खिलाफ कैट सी.जी चैप्टर द्वारा आज घड़ी चैक मंे विरोध प्रदर्शन किया गया तथा जिलाधीश के प्रतिनिधी नायब तहसीलदार श्री अमित बेक जी ने सभा स्थल में माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम से ज्ञापन प्राप्त किया। विरोध प्रदर्शन पूरे प्रदेश में रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, बलौदाबाजार-भाटापारा, धमतरी, कांकेर, कोरबा, महासमुंद, मनेन्द्रगढ़ एवं कैट सी.जी. चैप्टर की सभी ईकाइयों में किया गया। प्रदेश के सभी व्यापारिक संगठनों एवं व्यापारीगण अपने-अपने शहरों में विरोध प्रदर्शन कर, स्थानीय जिलाधीश को माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नाम से ज्ञापन सौंपा गया।
श्री पारवानी ने कहा कि कॉन्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) द्वारा अमेजन एवं फ्लिपकार्ट द्वारा देश के ई कॉमर्स एवं रिटेल बाजार को विकृत किये जाने के खिलाफ चलाये जा रहे देशव्यापी अभियान के अंतर्गत आज कैट ने देश के 500 से अधिक जिलों एवं 300 से अधिक शहरों में विरोध प्रदर्शन किया गया। सभी जिलों के कलेक्टर को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन देकर सरकार से मांग की गई की अमेजन एवं फ्लिपकार्ट को दूसरी ईस्ट इंडिया कंपनी बनने से रोका जाए।
आज के विरोध प्रदर्शन में प्रदेश भर में लगभग 6 लाख व्यापारियों का समर्थन प्राप्त हुआ। प्रदेश भर में हुए विरोध प्रदर्शन की इस श्रंखला का नेतृत्व रायपुर में हुए एक विशाल विरोध प्रदर्शन से किया गया जिसका नेतृत्व कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री अमर पारवानी ने करते हुए प्रदेश के सभी राजनैतिक दलों को आड़े हाथों लेते हुए कहा की 6 लाख व्यापारियों और उनसे जुड़े 24 लाख लोग एवं 30 लाख परिवार तथा देश के 7 करोड़ व्यापारियों और उनसे जुड़े लगभग 28 करोड़ लोग एवं 35 करोड़ परिवार की रोजी रोटी के इस बड़े सवाल पर सभी राजनैतिक दल चुप्पी साधे हुए हैं । आज तक एक भी बयान किसी भी दल का नहीं आया है जो व्यापारियों के लिए बेहद चिंता का विषय है। इस मुद्दे पर सभी राजनैतिक दलों की चुप्पी से देश के व्यापारी सभी दलों का बायकाट करने पर मजबूर हो जाएंगे ।
देश भर में हुए इन विरोध प्रदर्शन में व्यापारियों ने बेहद रोष और आक्रोश के साथ अमेजन एवं फ्लिपकार्ट के खिलाफ नारे लगाए और अपने हाथों में विभिन्न प्लेकार्ड अमेजन -फ्लिपकार्ट गो बैक-गो बैक अमेजन फ्लिपकार्ट के पंजे से ई-कामर्स को मुक्त कराओ, विषाक्त ई-कॉमर्स -नहीं चलेगा ,नहीं चलेगा , प्रीडेटरी प्राइसिंग -डीप डिस्कॉउंटिंग, बंद करो-बंद करो अमेजन फ्लिपकार्ट -ईस्ट इंडिया कंपनी का दूसरा रूप जैसे नारो के साथ अमेजन एवं फ्लिपकार्ट का जबरदस्त विरोध किया ।
कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी ने देश के ई कॉमर्स व्यापार में अमेजन एवं फ्लिपकार्ट के अनैतिक व्यापार को एक आर्थिक महामारी बताते हुए कहा, कि यदि इन कंपनियों को अपनी मनमानी से नहीं रोका गया तो भविष्य में और विदेशी कंपनियां भारत में व्यापार करने आएँगी और इसी तरह से सरकार की नीति एवं कानून को धता बताते हुए देश के रिटेल व्यापार को अपनी मर्जी से चलाएंगी और 45 लाख करोड़ रुपये के भारत के रिटेल बाजार पर एकाधिकार स्थापित करते हुए कब्जा करेंगी । उन्होंने कहा की अमेजन एवं फ्लिपकार्ट ईस्ट इंडिया कंपनी का दूसरा संस्करण बनने की कोशिश कर रही हैं जिसे रोका जाना बेहद जरूरी है ।
श्री पारवानी ने कहा की बेहद अफसोस की बात है की इन दोनों कंपनियों द्वारा एफडीआई पालिसी का घोर उल्लंघन, लागत से भी कम मूल्य पर माल बेचना, भारी डिस्काउंट देना, बाजार में कीमतों को प्रभावित करना, समान प्रतिस्पर्धा के वातावरण को न बने रहने देना , विभिन्न उत्पादों का केवल इन्ही के पोर्टल पर बेचना, सरकार को राजस्व का बड़ा नुकसान पहुँचाना आदि अन्य अनैतिक व्यापारी प्रथाओं के खिलाफ कैट ने सभी स्तरों पर शिकायत करते हुए पर्याप्त सबूत भी दिए हैं लेकिन आश्चर्य है की इन कंपनियों के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई जिससे प्रदेश के 6 लाख व्यापारी एवं देश भर के 7 करोड़ व्यापारियों में बेहद रोष और आक्रोश है ।
कैट ने कहा की कॉम्पिटिशन कमीशन में भी याचिका दायर किये दो सप्ताह से ज्यादा का समय हो गया लेकिन अभी तक मामले की कोई सुनवाई नहीं हुई है। देश भर के व्यापारी यह समझ पाने में असमर्थ है की क्यों इन कंपनियों के खिलाफ नरमी बरती जा रही है ? क्या देश में इनके लिए अलग कानून है और व्यापारियों के लिए अलग कानून ? यदि किसी व्यापारी से अनजाने में भी की गलती हो जाए तो सभी विभाग व्यापारी के खिलाफ तुरंत कार्रवाई में जुट जाते हैं लेकिन इन कंपनियों को लगातार बक्शा जा रहा है । रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया, प्रवर्तन निदेशालय, जीएसटी विभाग, आयकर विभाग आदि सब मौन साधे हुए हैं ।
इस पूरे कार्यक्रम मे मंच संचालन राजकुमार राठी एवं जितेन्द्र दोशी ने किया तथा विक्रम सिंहदेव द्वारा आभार व्यक्त किया गया, इसके साथ-ही व्यापारिक संगठनो एवं व्यापारी पदाधिकारियों ने अपना उद्बोधन दिया जिसमें जय नानवानी , भरत जैन, नरेन्द्र दुग्गड, अमर दास खट्ट्र, विनय कृपलानी, ताराचन्द जैन, उत्त्म जैन, अमर गिदवानी, विजय पटेल, दीपक विधानी, आदि थे ।
कैट ने सरकार से आग्रह किया है की इस मामले पर तुरंत कार्रवाई की जाए और देश के रिटेल बाजार और ई कॉमर्स को इन दोनों कंपनियों का बंधक बनने से रोका जाए । इस देशव्यापी अभियान के अंतर्गत अब आगामी 2 दिसंबर को देश के सभी राज्यों की राजधानियों में व्यापारी रैली होगी और सभी मुख्यमंत्रियों को ज्ञापन दिया जाएगा।


