मुख्यमंत्री ने की विधानसभा में घोषणा
रायपुर(media saheb.com) मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बुधवार को विधानसभा में रेत माफियाओं पर लगाम लगाने एक बड़ा ऐलान किया है. अब पंचायत नहीं बल्कि सीएमडीसी रेत खदानों का संचालन करेगी. इस संबंध में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज विधानसभा की कार्यवाही के दौरान कहा कि पंचायत की रॉयल्टी में 25 प्रतिशत की वृद्धि भी की जाएगी. वर्तमान में 300 रेत खदानें है. कलेक्टरों को रेत खदानों के चिन्हांकन के लिए आदेश दिया जाएगा. रेत की कीमत घटाने-बढ़ाने पर भी विचार किया जाएगा. सदन से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ऐलान करते हुए कहा कि इस संबंध में आज शाम ही आदेश जारी कर दिया जाएगा|
विधायक बृहस्पति सिंह ने अवैध रेत उत्खनन और अवैध वसूली के लिए मुख्यमंत्री का ध्यानाकर्षण कराया. इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण विभाग से स्वीकृति के बाद और कलेक्टर के द्वारा चिन्हांकन के बाद ही खदान की प्रक्रिया शुरू की जाती है. विधायक ने कहा कि बलरामपुर और रामानुजगंज की 60 किमी की दूरी है. रोज 300 से 500 ट्रक लोड होती है. जहाँ रेत उत्खनन हो रही है वहां निगरानी की जाये. 500 रुपए की पर्ची कटती है और 13 हजार रुपए वसूली जाती है|
मुख्यमंत्री ने कहा कि आप जहाँ की बात कर रहे हैं वहां दो खदानें स्वीकृत है. यूपी से लगे उन खदानों में रॉयल्टी का नुकसान हो रहा है. चोरी को रोकने के लिए विभाग में कई कदम उठाए है. धननेंद्र साहू ने पिछले सत्र में कई बार मुद्दा उठाया है. इस मामले पर हम कार्रवाई करेंगे. विधायक ने आगे पूछा कि जहाँ अवैध रूप से उत्खनन हो रहा है वहां परमिशन देंगे क्या. कांग्रेस के धनेंद्र साहू ने कहा कि इससे पंचायतों को कोई लाभ नही हुआ आज तक सिर्फ अवैध रूप से से काम हो रहा है मैं मुख्यमंत्री से प्रार्थना करूँगा की रेत खनन की नई नीति बनाए क्योकि बेवजह खून खराबा हो रहा है इसकी खुली नीलामी कर दें. भाजपा के अजय चंद्रकार ने कहा कि आप नीति बनाएंगे वो बाद कि बात है धमतरी का उदाहरण दूँ कई सारी खदानें है मशीनों से खनन पर रोक लगाएंगे क्या?
मुख्यमंत्री ने कहा कि बहुत गंभीर समस्या है ये हम सबकी चिंता है कि अवैध उत्खनन महंगे दर पर रेत मिलना जानकारी मिल रही है महाराष्ट्र गुजरात भी जा रहा है. यह का रेट ओर कोई लाभ नही मिल रहा सरकार को. खदानों का संचालन CMDC के माध्यम से किया जाए. जो राशि मिल रही है उसमें पंचायतों को 25 प्रतिशत की ओर वृद्धि की जाए. लोडिंग के रेट रिवर्स किया जाएगा. इसमें राज्य के दर अलग निर्धारित होंगे और राज्य के बाहर के अलग होंगे. वर्तमान में 300 रेत खदानें हैं. कलेक्टर को और रेत खदानों का चिन्हांकन करने कहा जाएगा. इस संबंध में आज ही आदेश जारी कर दिया जाएगा.