सांसद आर.के सिन्हा ने राज्यसभा में उठाया प्रदूषण का मुद्दा
नई दिल्ली, (mediasaheb.com) । BJP के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सदस्य आर.के. सिन्हा ने सदन में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के तहत प्रदूषण का मुद्दा उठाया। उन्होंने देश में, खासकर दिल्ली में वायु प्रदूषण के खतरनाक स्तर से उत्पन्न हालात पर चर्चा की। सांसद सिन्हा ने कहा, “हमें इस मुद्दे पर न तो सियासत और न ही कोई बहस करनी चाहिए। ये मुद्दा सीधे इंसानी जिंदगियों के साथ जुड़ा हुआ है। हम रोटी, कपड़ा, मकान के बिना तो रह सकते हैं, लेकिन स्वच्छ हवा और स्वच्छ पानी के बिना जीवित रहना असंभव है।”सांसद सिन्हा ने कहा, “मैं मांग करता हूं कि शुद्ध हवा और शुद्ध पानी हर नागरिक के जीने के अधिकार और आजादी जैसे मूलभूत अधिकार में शामिल हो।”उन्होंने कहा कि यदि टोरंटो में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) दो है और भारत में 250-350 है तो ये बेहद गंभीर चिंता का विषय है। इस पर फौरन ध्यान देने की आवश्यकता है। पार्टी लाइन से ऊपर उठकर हम सभी को एकजुट होकर इस समस्या के समाधान के लिए आगे आना चाहिए, ताकि भविष्य में यह परेशानी फिर से सामने ना आए।
भाजपा सांसद सिन्हा ने कहा, “यह समस्या सिर्फ दिल्ली में ही नहीं, पूरे उत्तर भारत में मुंह बाये खड़ी है। मैं बिहार से आता हूं और उत्तर प्रदेश, झारखंड एवं पश्चिम बंगाल में बड़े पैमाने पर यात्रा करता रहता हूं। मैंने देखा है विशेष रूप से सितम्बर, अक्टूबर, नवम्बर और दिसम्बर महीने के दौरान ये समस्या हर जगह पेश आती है। प्रदूषण के खतरनाक स्थिति में पहुंचने के दौरान मैंने कई परिवारों को बच्चों के साथ दिल्ली छोड़ते हुए देखा है, लेकिन सवाल ये है कि कितने लोग दिल्ली छोड़कर जा सकते हैं? यह कोई इसका स्थायी समाधान नहीं है।” उन्होंने कहा, “मैंने इस मुद्दे पर केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर की प्रतिक्रिया सुनी। उनकी प्रतिक्रिया अच्छी थी, लेकिन मैं ये जरूर कहना चाहूंगा कि वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए सरकार स्वीकृत धनराशि खर्च करने में भी असमर्थ है।”
वायु प्रदूषण के खतरे से लड़ने के बारे में सांसद सिन्हा के प्रमुख सुझावहमें वृक्षारोपण और पानी बचाने की मुहिम को जन आंदोलन बनाने की आवश्यकता है। कृषि में हमें वो तरीका ढूंढना होगा, जिसमें पानी की ज्यादा जरूरत न हो।
हमें सड़कें बिछाते समय जल छिड़काव प्रणाली को नहीं, बल्कि ठोस निर्माण के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करना चाहिए। हमें सुनिश्चित करना होगा हर जगह हरियाली हो और धूल ना उड़ पाए। इलेक्ट्रिक, सौर और सीएनजी वाहन आदि के इस्तेमाल पर जोर देने की जरूरत है। हमें सार्वजनिक परिवहन में सुधार की आवश्यकता और इसके महत्व पर ध्यान देना होगा। (हि.स.)


