टोक्यो,(mediasaheb.com) परमाणु संपन्न होने के बावजूद जापान उत्तर कोरिया से ज्यादा बड़ा खतरा चीन को मानता है। यह जानकारी रक्षा पर जापान के श्वेत पत्र से मिली। श्वेत पत्र में कहा गया है कि चीन बड़े पैमाने पर अपनी सेना का आधुनिकीकरण कर रहा है, जबकि उत्तर कोरिया अपने मिसाइल बेड़े का नवीकरण कर रहा है। इतना ही नहीं खतरे के तौर पर चीन को उत्तर कोरिया से पहले जगह दी गई है। विदित हो कि शीत युद्ध के काल में जापान रूस को अपना सबसे बड़ा खतरा मानता था, लेकिन खतरे के रूप में उसे चौथा स्थान दिया गया है।
जापान के रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि केवल दो देश अमेरिका और चीन दुनिया भर में अपना प्रभाव दिखा सकते हैं। चीन और उत्तर कोरिया की ओर से खतरे को भांप कर जापान ने विगत सात वर्षों में अपना रक्षा खर्च दस गुना बढ़ा दिया है, फिर भी चीन के रक्षा खर्च से अब भी उसका रक्षा बजट तीन गुना कम है।
उल्लेखनीय है कि उत्तर कोरिया अपने प्रोजेक्टाइल को उन्नत कर रहा है और चीन सैन्य आधुनिकीकरण पर जोर दे रहा है। जापान भी अमेरिका से पांचवी भी पीढ़ी का स्टेल्थ फाइटर और वर्टिकल टेक ऑफ और लैंडिंग करने वाला हेलिकॉप्टर के लिए हेलीकॉप्टर कैरियरऔर अन्य विकसित हथियार खरीद रहा है।
उधर, चीन अपने सैन्य अभियान का दायरा बढ़ाने के लिए विमान वाहक पोत, स्टेल्थ फाइटर का निर्माण कर रहा है। इतना ही नहीं चीन नियमित रूप से अपने समुद्री और हवाई गश्ती दल को जापान के ओकिनावा द्वीप के निकट भेजता रहता है। (हि.स.)।


