नई दिल्ली/काबुल (mediasaheb.com) उनके देश में शांति तब तक संभव नहीं होगी जब तक कि अफगानिस्तान के हर तबके के लोग एक साथ बैठकर बात नहीं करें। यह अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई ने तालिबान के साथ व्यापक बातचीत के रद्द होने पर दुख जाहिर करते हुए कहा। करजई ने इस वार्ता के रद्द होने के लिए किसी एक पक्ष को जिम्मेदार नहीं ठहराया। उन्होंने अमेरिका से ”सेना को दूर रखने और इसे (बातचीत को) संभव बनाने” का अनुरोध किया। उल्लेखनीय है कि इससे एक दिन पहले ही कतर में बातचीत की मेजबानी करने वालों ने घोषणा की थी कि अफगानियों की अफगानियों के साथ बातचीत में कौन-कौन शामिल होगा, इस पर निश्चित मत नहीं बन पाने के कारण बातचीत को अनिश्चितकाल के लिए रद्द कर दिया गया। बातचीत कतर में शुक्रवार को शुरू होने वाली थी। कतर में तालिबान का कार्यालय है। बहरहाल करजई ने इस वार्ता के रद्द होने के लिए किसी एक पक्ष को जिम्मेदार नहीं ठहराया।(हि.स.)।
Tuesday, February 17
Breaking News
- ‘आपातकाल और युवा’ विषय पर मथेंगे देश के प्रबुद्ध विचार
- CM साय ने बोर्ड परीक्षा के लिए विद्यार्थियों का बढ़ाया आत्मविश्वास, कहा- ‘ऑल द बेस्ट प्यारे बच्चों’
- पोड़ी में मुख्यमंत्री विष्णु देव ने ₹126 करोड़ के कार्यों का किया लोकार्पण, विकास को मिली नई रफ्तार
- शहीद निरीक्षक आशीष शर्मा के भाई अंकित को मिली एसआई पद पर नियुक्ति
- हुमायूं कबीर की सियासी चाल! कांग्रेस से दूरी, अधीर रंजन के साथ; AIMIM की प्रतिक्रिया बाकी
- धार की भोजशाला के धार्मिक स्वरूप पर सुनवाई अब 18 फरवरी को, वकीलों की हड़ताल से टली तारीख
- नीदरलैंड्स मैच से पहले टीम इंडिया को झटका? बुमराह-हार्दिक बाहर, सूर्या बदलेंगे प्लेइंग 11
- चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट! रिकॉर्ड हाई से ₹1.80 लाख टूटी, सोना भी फिसला
- रायपुर एयरपोर्ट पर खुलेगा बार, साय सरकार की नई आबकारी नीति से होटल-रेस्टोरेंट संचालकों को बड़ी राहत
- अप्रैल से लागू हो सकता है भारत-UK समझौता, 99% भारतीय उत्पादों को मिलेगा जीरो-ड्यूटी लाभ


