काठमांडू
प्रशासन का कहना है कि कर्फ्यू के दौरान सुरक्षा बलों को आदेश दिया है कि किसी भी उपद्रवी को वे गोली मार सकते हैं। आम लोगों को सलाह दी गई है कि बेहद जरूरी काम से ही बाहर निकलें। इसके अलावा आसपास में किसी तरह के उपद्रव की स्थिति में 100 नंबर पर कॉल करें। कहा जा रहा है कि इस मामले की शुरुआत दो युवकों हैदर अंसारी और अमानत अंसारी द्वारा टिकटॉक पर एक वीडियो शेयर करने के बाद हुई। इस वीडियो को लेकर हिंदू समुदाय के लोगों का कहना था कि इससे हमारी भावनाएं आहत हुई हैं। दोनों युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार भी किया था। फिर यह तनाव और बढ़ गया, जब कमला इलाके में एक मस्जिद में तोड़फोड़ किए जाने की खबर आई।
इसके बाद जब स्थानीय तौर पर तनाव बढ़ा तो टिकटॉक पर ही कई ऐसे वीडियो वायरल हुए, जिससे अफवाहों ने जोर पकड़ा और पूरे बीरगंज में ही तनाव की स्थिति पैदा हो गई। उपद्रव भी हुए और कुछ लोगों ने पत्थरबाजी की। अंत में पुलिस-प्रशासन ने कर्फ्यू ही लगा दिया ताकि हालात को कंट्रोल किया जा सके। प्रशासन का कहना है कि कर्फ्यू के दौरान सुरक्षा बलों को आदेश दिया है कि किसी भी उपद्रवी को वे गोली मार सकते हैं। आम लोगों को सलाह दी गई है कि बेहद जरूरी काम से ही बाहर निकलें। इसके अलावा आसपास में किसी तरह के उपद्रव की स्थिति में 100 नंबर पर कॉल करें। कहा जा रहा है कि इस मामले की शुरुआत दो युवकों हैदर अंसारी और अमानत अंसारी द्वारा टिकटॉक पर एक वीडियो शेयर करने के बाद हुई।
एक टिकटॉक वीडियो के चलते शुरू हुआ था बवाल
इस वीडियो को लेकर हिंदू समुदाय के लोगों का कहना था कि इससे हमारी भावनाएं आहत हुई हैं। दोनों युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार भी किया था। फिर यह तनाव और बढ़ गया, जब कमला इलाके में एक मस्जिद में तोड़फोड़ किए जाने की खबर आई। इसके बाद जब स्थानीय तौर पर तनाव बढ़ा तो टिकटॉक पर ही कई ऐसे वीडियो वायरल हुए, जिससे अफवाहों ने जोर पकड़ा और पूरे बीरगंज में ही तनाव की स्थिति पैदा हो गई। उपद्रव भी हुए और कुछ लोगों ने पत्थरबाजी की। अंत में पुलिस-प्रशासन ने कर्फ्यू ही लगा दिया ताकि हालात को कंट्रोल किया जा सके।


