लखनऊ
उत्तर प्रदेश में Special Intensive Revision (SIR) प्रक्रिया के बाद चुनाव आयोग ने ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर दी है. इस ड्राफ्ट में कुल 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं. आयोग के अनुसार, यह सूची 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में चल रही एसआईआर प्रक्रिया के तहत तैयार की गई है, जिसकी शुरुआत 27 अक्टूबर से हुई थी.
यूपी में ड्राफ्ट लिस्ट का प्रकाशन तीन बार टलने के बाद आजा जारी किया गया. राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि ड्राफ्ट वोटर लिस्ट की कॉपी सभी राजनीतिक दलों को दे दी गई है. उन्होंने बताया कि लगभग 18 प्रतिशत लोगों ने फॉर्म जमा नहीं किए.
मंगलवार को लोकभवन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा ने बताया कि ड्राफ्ट मतदाता सूची में 12.55 करोड़ मतदाताओं के नाम शामिल किए गए हैं। पहले कुल 15.44 करोड़ मतदाता थे लेकिन एसआईआर की प्रक्रिया में 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम काटे गए हैं। जिन 2.89 करोड़ लोगों के नाम काटे गए हैं उनमें 46.23 लाख मृत, 2.17 करोड़ स्थानांतरित और 25.47 लाख डुप्लीकेट, 79.52 लाख वोटर शामिल हैं। प्रतिशत की बात करें तो करीब 18 फीसदी वोटरों के नाम इस लिस्ट कट गए हैं। उन्होंने बताया, सभी जिलों में ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया है। मंगलवार से छह फरवरी तक मतदाता सूची पर दावे व आपत्तियां की जाएंगी। वहीं मंगलवार से लेकर 27 फरवरी तक इन दावे व आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन छह मार्च को किया जाएगा।
UP SIR में नाम न मिलने पर करें ये काम
ड्राफ्ट सूची में अगर किसी मतदाता का नाम नहीं है तो वह 6 फरवरी तक अपना दावा और आपत्ति दर्ज करवा सकता है. नए व नाम कटने वाले मतदाता को फॉर्म-6 भरना होगा, गलत नाम वालों के लिए फॉर्म-7, संशोधन के लिए फॉर्म-8 भरना होगा. इसे ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों mod में जमा किया जा सकता है. इसके साथ जन्म प्रमाण पत्र, पते और पहचान प्रमाण पत्र जरुर आवश्यक होगा. अपने क्षेत्र के BLO से संपर्क करें. जिन लोगों के नाम इस लिस्ट में नहीं हैं वह 6 फरवरी तक आपत्ति दर्ज करा सकते हैं.
सबसे बड़ा वोटर लिस्ट सफाई अभियान
नवदीप रिणवा के मुताबिक वोटर लिस्ट का यह अब तक सबसे बड़ा सफाई अभियान है. अब तक राज्य में 15.44 करोड़ मतदाता दर्ज थे, SIR प्रक्रिया के बाद 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं.सबसे ज्यादा नाम ट्रासफर से कटे हैं इनकी संख्या 1.26 करोड़ है. 46 लाख मृतक, डुप्लीकेट 23.70 लाख और जो पते पर नहीं मिले उनकी संख्या 83.73 लाख है, इसके अलावा भी अन्य श्रेणी में शमिल हैं.
लखनऊ में सबसे ज्यादा नाम कटे
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया, सबसे ज्यादा 12 लाख मतदाताओं के नाम लखनऊ में कटेंगे। वहीं प्रयागराज में 11.56 लाख, कानपुर नगर में नौ लाख, आगरा में 8.36 लाख, गाजियाबाद में 8.18 लाख, बरेली में 7.14 लाख, मेरठ में 6.65 लाख, गोरखपुर में 6.45 लाख, सीतापुर में 6.23 लाख और जौनपुर में 5.89 लाख मतदाताओं के नाम काटे गए हैं। उन्होंने बताया कि 12.55 करोड़ में से 91 प्रतिशत की मैपिंग हो गई है। अब 1.04 करोड़ को नोटिस जाएगी। यह 8 प्रतिशत हैं। सीईओ ने कहा कि फ़ार्म 6 भरें नए मतदाता बनने को। करेक्शन व शिफ्ट होने वाले फॉर्म 8 भरें । अगर किसी सदस्य जो अब जीवित नहीं है या दूसरी जगह चले गए हैं तो नाम हटाने को फॉर्म 7 भरें। अभी तक नए मतदाता बनने को 15.78 करोड़ ने फॉर्म भरा है।
उन्होंने कहा कि पहले यूपी में करीब 15 करोड़ मतदाता थे, जिनमें से 12.55 करोड़ मतदाताओं (81.30%) ने खुद या परिवार के किसी सदस्य के जरिए गणना प्रपत्र (enumeration form) पर हस्ताक्षर कर उसे जमा किया. उन्होंने बताया कि जिन मतदाताओं ने गणना प्रपत्र जमा नहीं किए, उनके पीछे कई कारण रहे-
46.23 लाख मतदाता (2.99 प्रतिशत)) मृत पाए गए.
– 2.17 करोड़ मतदाता या अनुपस्थित (14.06 प्रतिशत)) मिले या वो शिफ्ट कर गए.
– 25.47 लाख मतदाता (1.65 प्रतिशत) एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत पाए गए.
इन्हीं कारणों से 2.89 करोड़ नाम ड्राफ्ट सूची से बाहर किए गए हैं. फिलहाल यूपी में ड्राफ्ट सूची के अनुसार मतदाताओं की संख्या करीब 12 करोड़ रह गई है.
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि चुनाव आयोग के निर्देश के अनुसार अब एक पोलिंग स्टेशन पर 1200 से ज्यादा मतदाता नहीं होंगे, जबकि पहले यह संख्या करीब 1500 थी. इसी वजह से नए पोलिंग स्टेशन भी बनाए गए, जिसमें अतिरिक्त समय लगा.
निर्वाचन आयोग ने 6 जनवरी से 6 फरवरी 2026 तक दावा और आपत्ति दर्ज कराने का समय दिया है. जिन मतदाताओं का नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं है, वे इस अवधि में आवश्यक दस्तावेजों के साथ फॉर्म भरकर अपना नाम दोबारा जुड़वा सकते हैं. सभी दावों और आपत्तियों का निस्तारण 27 फरवरी तक किया जाएगा, और 6 मार्च 2026 को फाइनल वोटर लिस्ट जारी होगी.
चुनाव आयोग ने 18 साल पूरे कर चुके सभी नए मतदाताओं से अपील की है कि वे अपना नाम जरूर जांचें. नाम न होने पर फॉर्म-6, और नाम या पते में सुधार के लिए फॉर्म-8 भरने की सुविधा उपलब्ध है


