सियोल
साउथ कोरिया ने अपना पहला स्वदेशी फाइटर जेट KF-21 ‘बोरामे’ तैयार कर लिया है. इसकी पहली डिलीवरी कोरियन एयरफोर्स को इसी साल शुरू होने जा रही है. यह सिर्फ एक विमान नहीं है. यह साउथ कोरिया की आत्मनिर्भरता का प्रतीक है. अब उसे अपनी सुरक्षा के लिए अमेरिका पर निर्भर नहीं रहना होगा. यह 4.5 जनरेशन का फाइटर जेट है. यह किसी भी दुश्मन को पल भर में राख कर सकता है. कोरिया एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज ने इसे बहुत आधुनिक बनाया है. इसमें रडार और मिसाइल सिस्टम बहुत एडवांस हैं. यह खबर सुनते ही चीन और नॉर्थ कोरिया में खलबली मच गई है. आइए समझते हैं कि यह विमान इतना खास क्यों है. यह भारत के तेजस से कितना अलग और ताकतवर है.
क्या साउथ कोरिया का KF-21 आसमान में चीन और नॉर्थ कोरिया की दादागिरी खत्म कर देगा?
साउथ कोरिया ने साल 2010 में एक सपना देखा था. वह अपना खुद का फाइटर जेट बनाना चाहता था. अब साल 2026 में यह सपना पूरा हो गया है. KF-21 बोरामे अब अपनी पहली उड़ान भरने को तैयार है. यह विमान पुराने F-4 और F-5 विमानों की जगह लेगा. यह दो इंजन वाला मल्टीरोल फाइटर जेट है. इसे बनाना साउथ कोरिया का सबसे कठिन प्रोजेक्ट था. इसमें सालों का निवेश और मेहनत लगी है. अब साउथ कोरिया को किसी दूसरे देश से विमान नहीं खरीदने होंगे. इससे उसकी सैन्य शक्ति कई गुना बढ़ जाएगी. चीन के बढ़ते खतरे को देखते हुए यह बहुत जरूरी था.
KF-21 की अधिकतम रफ्तार लगभग 2,300 किलोमीटर प्रति घंटा है. यह इसे दुनिया के सबसे तेज विमानों की लिस्ट में शामिल करती है.
आखिर KF-21 बोरामे में ऐसी कौन सी गुप्त तकनीक है?
KF-21 को 4.5 जनरेशन का फाइटर माना जा रहा है. इसमें स्टील्थ यानी रडार से बचने की क्षमता है.
इसका डिजाइन बहुत ही आधुनिक और शार्प है. इसमें AESA रडार लगाया गया है. यह रडार बहुत दूर से दुश्मन को पकड़ लेता है.
इसमें फ्लाई-बाय-वायर कंट्रोल सिस्टम भी मौजूद है.
हालांकि इसमें अभी इंटरनल वेपन बे नहीं है. यानी मिसाइलें बाहर की ओर ही लगी होंगी. लेकिन भविष्य में इसे और अपडेट किया जाएगा.
यह विमान F-16 से ज्यादा ताकतवर है. वहीं यह F-35 से काफी सस्ता और किफायती है.
4.5 Gen का मतलब क्या है?
4.5 जनरेशन का मतलब है कि यह विमान चौथी पीढ़ी से बेहतर है. लेकिन यह पांचवीं पीढ़ी के पूरी तरह स्टील्थ विमानों से थोड़ा पीछे है. यह उन देशों के लिए बेस्ट है जो कम बजट में हाई टेक्नोलॉजी चाहते हैं.
भारत का ‘तेजस’ और तुर्की का ‘कान’ इसके सामने टिक पाएंगे?
दुनिया भर में कई देश अपने विमान बना रहे हैं. भारत का तेजस मार्क 1A अभी शुरुआती चरण में है. तेजस मार्क 2 और AMCA पर अभी काम चल रहा है. वहीं तुर्की का KAAN भी अभी टेस्टिंग मोड में है. लेकिन साउथ कोरिया इन सब से आगे निकल गया है. KF-21 ने 2000 घंटे से ज्यादा की उड़ान भर ली है. इसकी टेस्टिंग बहुत ही पारदर्शी और सफल रही है. चीन का J-20 भी एक बड़ा खिलाड़ी है मगर चीन अपनी तकनीक को हमेशा गुप्त रखता है.
क्या KF-21 दुनिया के फाइटर जेट मार्केट में अमेरिका के दबदबे को सीधी चुनौती देने वाला है?
अब कई देश KF-21 को खरीदना चाहते हैं. अमेरिका के F-35 को खरीदना बहुत महंगा पड़ता है. साथ ही उसकी मेंटेनेंस भी बहुत मुश्किल है. KF-21 एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभरा है. इंडोनेशिया इस प्रोजेक्ट में साउथ कोरिया का पार्टनर है. फिलीपींस और मलेशिया भी इसमें दिलचस्पी दिखा रहे हैं. मिडिल ईस्ट के कई देश भी इसे खरीदना चाहते हैं. साउथ कोरिया का डिफेंस मार्केट तेजी से बढ़ रहा है. उसके K2 टैंक और K9 तोपें पहले ही हिट हैं. अब KF-21 भी दुनिया भर में एक्सपोर्ट होने को तैयार है.


