भोपाल
भोपाल में एक OTT प्लेटफार्म पर रिलीज़ की गई फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ के विरोध में ब्राह्मण समाज के लोग सड़कों पर उतर आए। हवन-पूजन और पाठ-पूजन करने वाले धोती-कुर्ता धारी पंडितों ने फिल्म को ब्राह्मण समाज की छवि धूमिल करने वाला बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया। अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज और मध्य प्रदेश ब्राह्मण समाज के बैनर तले हुए इस प्रदर्शन में फिल्म को तत्काल नेटफ्लिक्स OTT प्लेटफार्म से हटाने की मांग की गई। फिल्म के टाइटल को लेकर दिल्ली उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की गई है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि फिल्म में ब्राह्मण समाज को घूसखोर के रूप में दिखाया गया है, जो पूरी तरह आपत्तिजनक और निंदनीय है। संगठन ने फिल्म बनाने वाले निर्माता-निर्देशक और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
याचिका में कही गई ये बात
फिल्म को लेकर कोर्ट में दायर याचिका में कहा गया है कि फिल्म 'पंडित' शब्द को भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी से जानबूझकर जोड़ा गया है। याचिकाकर्ता वकील विनीत जिंदल ने फिल्म के कंटेंट के सांप्रदायिक रूप से आपत्तिजनक और मानहानिकारक होने पर गंभीर आपत्ति जताई है। साथ ही ब्राह्मण समुदाय की गरिमा और प्रतिष्ठा को व्यापक रूप से नुकसान पहुंचने की आशंका व्यक्त की है।
क्या है विवाद
फिल्म के जारी ट्रेलर के अनुसार फिल्म में मनोज बाजपेयी मुख्य भूमिका में हैं। मनोज बाजपेयी फिल्म में एक सीनियर इंस्पेक्टर अजय दीक्षित का रोल अदा कर रहे हैं। फिल्म में उन्हें एक बदनाम पुलिस वाले के रूप में दिखाया गया है। उनके भ्रष्ट किरदार को 'पंडित' शब्द से जोड़ा गया है, जिसको लेकर विवाद मचा हुआ है।


