नई दिल्ली
दिल्ली-एनसीआर की आबोहवा लगातार खराब होती जा रही है। इस बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को प्रदूषण का मुद्दा उठाया। इसे लेकर उन्होंने केंद्र सरकार से सवाल किए हैं। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि बच्चों का दर्द सबसे गहरी चोट की तरह मांओं के दिल में उतरता है। दिल्ली में प्रदूषण के खिलाफ लड़ रहीं ऐसी ही कुछ साहसी मांओं से मिला—वे अपने ही नहीं, बल्कि पूरे देश के बच्चों के भविष्य को लेकर डरी हुई हैं। उन्होंने कहा कि जहरीली हवा से छोटे-छोटे बच्चे फेफड़ों, दिल और मानसिक बीमारियों का शिकार हो रहे हैं, लेकिन इतनी भयावह राष्ट्रीय आपदा के बीच भी केंद्र सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है और समय तेजी से हमारे हाथों से फिसल रहा है। भारत को तुरंत इस पर गंभीर चर्चा और निर्णायक कार्रवाई चाहिए, ताकि हमारे बच्चे साफ हवा तक के लिए संघर्ष न करें, बल्कि एक ऐसे भारत में बड़े हों जो उन्हें सेहत, सुरक्षा और उभरने का पूरा आसमान दे सके।
राहुल गांधी ने दूसरे पोस्ट में कहा कि मैं जिस भी मां से मिलता हूं, वह मुझसे यही कहती है कि उसका बच्चा जहरीली हवा में सांस लेकर बड़ा हो रहा है। वे डरे हुए और गुस्से में हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से कहा कि हमारे सामने भारत के बच्चों के दम घुट रहे हैं। आप चुप कैसे रह सकते हैं? आपकी सरकार जल्द ही कोई प्लान क्यों नहीं तैयार करती? उन्होंने कहा कि भारत को एयर पॉल्यूशन पर तुरंत संसद में बहस और इस हेल्थ इमरजेंसी से निपटने के लिए एक सख्त लागू करने लायक एक्शन प्लान की जरूरत है। हमारे बच्चों को साफ हवा मिलनी चाहिए, बहाने और ध्यान भटकाने वाली चीजें नहीं होनी चाहिए।
साथ ही लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक वीडियो भी शेयर किया, जिसमें वे उन महिलाओं से बात करते नजर आ रहे हैं, जो दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को लेकर चिंता जता रही हैं। वीडियो में महिलाएं अपने बच्चों पर प्रदूषित हवा से पड़ रहे असर के बारे में बात कर रही हैं और कह रही हैं कि उनका स्वास्थ्य दिन-ब-दिन खराब होता जा रहा है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर इस मुद्दे को अभी नजरअंदाज किया गया तो इससे देश को लंबे समय तक स्वास्थ्य और आर्थिक नुकसान होगा। साथ ही महिलाओं ने कहा कि सरकार सही हेल्थ एडवाइजरी क्यों नहीं जारी कर रही है या तुरंत बचाव के उपाय क्यों नहीं कर रही है। राहुल गांधी ने इसके जवाब में कहा कि प्रदूषण इसलिए बढ़ रहा है, क्योंकि पक्षकारों को मौजूदा सिस्टम से फायदा होता है और वे सुधार के कदम उठाने से बचते हैं।
Saturday, March 14
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