वाशिंगटन
फेसबुक की पेरेंटल कंपनी मेटा ने बुधवार को आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) की इंडस्ट्री में बड़ा ऐलान किया है. कंपनी ने नए AI मॉडल को लॉन्च किया है, जिसका नाम म्यूज स्पार्क है. यह कंपनी के न्यू AI डिविजन का बनाया नया प्रोडक्ट है, जिसको लेकर कंपनी ने बीते करीब एक साल में बड़े स्तर पर इनवेस्टमेंट की है।
लॉन्चिंग से पहले इस प्रोजेक्ट को इंटरनल नाम दिया गया था, जो 'एवोकाडो' था. अब म्यूज स्पार्क को मेटा के स्टैंडअलोन AI ऐप पर लॉन्च कर दिया है. अब आने वाले दिनों में इसको को मेटा के ऐप के लिए जारी किया जाएगा, जिसमें वॉट्सऐप, इंस्टाग्राम और मेटा एआई स्मार्ट ग्लास के नाम शामिल हैं।
गूगल और ओपनएआई को देगा टक्कर
वॉट्सऐप, इंस्टाग्राम में मिलने वाला मेटा एआई कई जगह पिछड़ने लगा था. अब म्यूज स्पार्क की मदद से कंपनी को बड़े फायदे की उम्मीद कर रही है. राइटिंग और रीजनिंग के मामले में म्यूज स्पार्क ने बेहतर रिजल्ट दिया है, जिसकी वजह से यह ओपनएआई, गूगल और एंथ्रोपिक के बेहतरीन मॉडल के लेवल के आसपास पहुंच चुका है।
रिपोर्ट्स में कोडिंग को लेकर बड़ा अंतर दिखाया गया है. मौजूदा समय में एआई रेस में कोडिंग काबिलियत एक जरूरी स्टैंडर्ड बन चुके हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, कोडिंग के मामले में म्यूज स्पार्क अपने राइवल्स से थोड़ा पीछे रह गया है।
मार्क जकरबर्ग ने बीते साल बनाई AI टीम
मार्क जकरबर्ग AI को लेकर बीते करीब एक साल से बड़ी इनवेस्टमेंट कर रहे हैं और इंडस्ट्री के कई बड़े टैलेंट को उन्होंने अपनी AI टीम में मोटी रकम देकर शामिल किया है. जकरबर्ग ने 29 साल के एलेक्जेंटर वांग को मोटी रकम देकर कंपनी में शामिल कर चुके हैं और उनको चीफ एआई ऑफिसर की पोस्ट दी, साथ ही कंपनी ने लामा-4 मॉडल पर काम करने वाली पुरानी टीम को बदल दिया. नए टीम में ओपनएआई, गूगल और अन्य राइवल्स कंपनियों से नए लोगों को मोटी रकम देकर मेटा में शामिल किया गया।
म्यूज स्पार्क को अभी बंद मॉडल रखा
मेटा ने म्यूज स्पार्क के साथ एक बड़ा बदलाव किया है और इसके कोड को मौजूदा समय में प्राइवेट रखा है. इसको क्लोज्ड मॉडल भी कह सकते हैं. बताते चलें कि मेटा अपने एआई मॉडल्स को ओपेन सोर्स करता था, जिसकी मदद से डेवलपर्स को कोड यूज करने की परमिशन मिलती थी।
मेटा का बड़ा इनवेस्टमेंट
जकरबर्ग ने एआई डेवलपमेंट के लिए बड़े इनवेस्टमेंट की तैयारी करके रखी है. एआई डेवलपमेंट के नए डेटा सेंटर पर 600 अरब डॉलर खर्च करने का प्लान बनाया हुआ है. साल 2026 में मेटा लगभग 135 अरब डॉलर तक खर्च करने का प्लान बनाया है, जो बीते साल की तुलना में लगभग दोगुना है. बीते साल कंपनी ने 72 अरब डॉलर की इनवेस्टमेंट की थी।
म्यूज स्पार्क को लेकर कंपनी ने बड़ा दांव लगाया है और इससे कंपनी अपने राइवल्स से आगे निकलना चाहती है. गूगल, ओपनएआई और एन्थ्रॉपिक जैसे नाम मेटा से काफी आगे निकल चुके थे. म्यूज स्पार्क कंपनी के लिए कितना फायदेमंद साबित होगा, वो तो आने वाले दिनों में ही पता चलेगा।


