जबलपुर
सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज में कैंपस टायकून 3.0 का आयोजन किया गया. इसमें इंजीनियरिंग से जुड़े हुए छात्रों ने ऐसे शानदार बिजनेस मॉडल पेश किए, जिन पर यदि काम किया जाए तो वह किसी को भी करोड़पति बना सकता है. वहीं, इन छात्रों के सबसे अच्छे आइडिया आगे आईआईटी में भेजे जाते हैं और इन्हें सरकारी योजनाओं के जरिए फायदा पहुंचाने की कोशिश की जाती है.
छात्रों ने दिए सफल स्टार्टअप के शानदार आइडिया
जबलपुर गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज में शार्क टैंक की तर्ज पर कैंपस टायकून नाम का आयोजन किया जाता है. इसमें छात्र-छात्राएं अपने बिजनेस आइडिया शेयर करते हैं. इन बिजनेस आइडिया को कैसे आगे बढ़ाया जाए इसके लिए उसके जानकार छात्रों की मदद करते हैं. शुक्रवार को कॉलेज में कैंपस टायकून के कार्यक्रम का आयोजन हुआ. जिसमें ऐसे कई शानदार आइडिया आए जो सफल स्टार्टअप हो सकते हैं.
लाइ डिटेक्टर विथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
बुरहानुद्दीन बैंक वाला जबलपुर सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज के एआई डिपार्टमेंट के छात्र हैं. अभी उनकी पढ़ाई चल ही रही है लेकिन उनके दिमाग में एक ऐसा आइडिया आया है, जो पुलिस और सेना में काम करने वाले अधिकारियों के लिए फायदे का हो सकता है. बुरहानुद्दीन ने एक ऐसे सॉफ्टवेयर की कल्पना की है, जिसमें किसी अपराधी से सच उगलवाया जा सकता है. इसके लिए बॉडी सेंसिटिव कैमरे और मेडिकल इक्विपमेंट को एक कंप्यूटर से जोड़ा जाएगा और इन पर आने वाली रीडिंग एक सॉफ्टवेयर रीड करेगा. यह सॉफ्टवेयर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के आधार पर बनाया गया है.
इसमें बुरहानुद्दीन का दावा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित इस लाइ डिटेक्टर सिस्टम से किसी भी शातिर से शातिर अपराधी का मुंह खुलवाया जा सकेगा और इसमें उन्हें थर्ड डिग्री भी नहीं देनी होगी. अपराधी यदि झूठ बोलेगा तो तुरंत पकड़ा जाएगा इसमें वे 100 पैरामीटर शामिल करने वाले हैं जिन पर ये सिस्टम निगाह रखेगा. बुरहानुद्दीन का कहना है कि "यह सिस्टम सेना और पुलिस के लिए बहुत काम का हो सकता है"
एंटरटेनिंग ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म
इसी तरह कॉलेज के छात्र आशीष कुमार झा और उनके साथियों ने अनुभव किया था कि ई-कॉमर्स वेबसाइट पर जब तक किसी को जरूरत नहीं होती तब तक उन्हें कोई नहीं खोलता. ज्यादातर लोग अपना समय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बिताते हैं. इसलिए आशीष कुमार झा और उनकी टीम ने एक ऐसा प्लेटफॉर्म बनाया है, जिसमें सेलर एंटरटेनमेंट तरीके से कंटेंट बनाएगा और उनके प्लेटफार्म पर कंटेंट शेयर किया जाएगा. यदि किसी को कोई सामान खरीदना है तो उसे किसी दूसरी वेबसाइट पर जाने की जरूरत नहीं होगी. वह डायरेक्ट इसी वेबसाइट से सामान खरीद सकेगा.
कैंपस टायकून का आयोजन
आशीष कुमार झा कहते हैं कि "अभी तक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म अलग है और ई-कॉमर्स बिज़नेस अलग है. यदि इन दोनों को एक साथ जोड़कर एक प्लेटफार्म बनाया जाएगा तो ई-कॉमर्स को बढ़ाया जा सकता है और यह एंटरटेनिंग भी होगा." आशीष झा और उनकी टीम ने इस प्लेटफार्म को तैयार भी कर लिया है. इन लोगों का कहना है कि "अभी हमारे वेबसाइट पर 50 यूजर हैं लेकिन यदि इस सिस्टम को उन्हें और बड़ा करना है तो इसमें इन्वेस्टमेंट की जरूरत है. यदि कोई इन्वेस्टर उनके इस सिस्टम में पैसा लगा देता है तो इंटरनेट पर एक नया प्लेटफार्म तैयार हो जाएगा, जो मौजूदा ई-कॉमर्स वेबसाइट से बिल्कुल हटकर होगा."
छात्रों ने दिए कई सफल और गजब के आइडिया
गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज के कंप्यूटर एंड साइंस के हेड ऑफ द डिपार्टमेंट जितेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि "कैंपस टायकून एक अनोखा आयोजन है. यह तीसरा मौका है जब हमने यह आयोजन करवाया है. इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले छात्र गजब के आइडिया लेकर आते हैं. अब तक ऐसे कई आइडिया आए हैं जिन्हें हमने मदद की है. कुछ ऐसे आइडिया भी है, जिन्हें विकसित करने पर काम चल रहा है. हमने कुछ आइडियाज आईआईटी को भी भेजा है."
'स्टार्टअप को मिलेगी हर जरूरी मदद'
गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज की फोर्थ ईयर स्टूडेंट और आयोजक शशांक भार्गव का कहना है कि "इससे पहले भी इंजीनियरिंग कॉलेज में कैंपस टायकून का आयोजन करवाया गया है. इस कार्यक्रम में छात्रों के आइडिया पर सवाल जवाब होता है और सवाल जवाब करने के लिए हमारी टीम एक्सपर्ट्स को बुलाती है, जिन्हें व्यापार की समझ है. इसमें कुछ लोग मनोविज्ञान से जुड़े होते हैं, कुछ व्यापार से जुड़े होते हैं और कुछ तकनीकी ज्ञान रखते हैं. यही लोग मिलकर यह तय करते हैं कि कौन सा आइडिया सबसे बेहतर है, जिसे इनक्यूबेट किया जा सकता है."
'नए स्टार्टअप खोजने का बेहतरीन तरीका'
व्यापार के क्षेत्र से जुड़ी प्रीति चौधरी का कहना है कि "कैंपस टायकून नए स्टार्टअप को खोजने का बड़ा अच्छा तरीका है. कॉलेज के छात्र-छात्राओं में गजब के आइडिया हैं. यदि इन्हें इसी स्तर पर शासन की योजनाओं से जोड़कर मदद दे दी जाए तो इसके जरिए नए उद्योगपति खड़े किए जा सकते हैं."
कैंपस टायकून के इस आयोजन में ऐसे कई नए और शानदार आइडिया आए, जिन्हें इंजीनियरिंग के प्रथम वर्ष के छात्रों ने रखा. यदि इन पर थोड़ा-थोड़ा काम किया जाए तो यह बेहतरीन बिजनेस आइडिया हो सकते हैं, जो कामयाब व्यापार खड़ा कर सकता है. इस तरह के आयोजन हर कॉलेज में होना चाहिए. हमारे बीच में कई ऐसे छात्र हो सकते हैं, जिनके पास व्यापार और कारोबार के नए तरीके हों. यदि इन्हें विकसित किया जाएगा तो देश को कई नए स्टार्टअप मिल सकते हैं. इससे देश आर्थिक तरक्की कर सकता है और बेरोजगारी खत्म हो सकती है.