रायपुर
छत्तीसगढ़ में मार्च के पहले सप्ताह से ही गर्मी का असर तेज होने लगा है। दिन में तेज धूप और साफ मौसम के कारण तापमान लगातार बढ़ रहा है। शनिवार को प्रदेश के कई जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से करीब दो डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया। बढ़ती गर्मी के कारण अब कई घरों में एसी और कूलर भी चालू होने लगे हैं।
मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को पूरे प्रदेश में मौसम शुष्क बना रहा और कहीं भी बारिश दर्ज नहीं की गई। इस दौरान सबसे अधिक अधिकतम तापमान राजनांदगांव में 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में लगभग 15 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा।
मौसम एक्सपर्ट के अनुसार उड़ीसा और उसके आसपास के क्षेत्र में लगभग 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इसी क्षेत्र से एक द्रोणिका उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश तक उत्तर छत्तीसगढ़ से होते हुए लगभग 0.9 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैली हुई है। हालांकि इन मौसमी परिस्थितियों का प्रदेश के मौसम पर फिलहाल कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ रहा है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले चार दिनों तक प्रदेश में मौसम शुष्क बना रहेगा और अधिकतम तथा न्यूनतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। हालांकि मार्च के दूसरे सप्ताह में गर्मी का असर धीरे-धीरे और बढ़ सकता है। राजधानी रायपुर में रविवार सुबह हल्की धुंध देखने को मिल सकती है। इसके बाद दिन में आसमान साफ रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार आज अधिकतम तापमान करीब 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
रायपुर में आज हल्की धुंध के आसार
राजधानी के लिए जारी स्थानीय पूर्वानुमान के मुताबिक आज (8 मार्च) को शहर में हल्की धुंध (हेज) रहने की संभावना है। यहां अधिकतम तापमान लगभग 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 22 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।
अगले दो दिन भी मौसम रहेगा शुष्क
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में फिलहाल कोई सिनोप्टिक सिस्टम सक्रिय नहीं है। इसी कारण अगले दो दिनों तक पूरे प्रदेश में मौसम शुष्क बने रहने की संभावना है। साथ ही कहीं भी बारिश या मौसम से जुड़ी कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।.
फरवरी में ठंड कम रही
रायपुर की बात करें तो जनवरी की तरह फरवरी महीने में भी आसमान आमतौर पर साफ बना रहता है और सतही हवाएं हल्की रहती हैं। हालांकि उत्तर भारत से गुजरने वाले वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर से कभी-कभार मौसम में बदलाव देखने को मिलता है। फरवरी के आखिरी में मौसम में बदलाव देखने को मिला, दो-तीन दिन कहीं-कहीं बारिश की स्थिति बनी रही।
इस दौरान बादल छाने के साथ गरज-चमक और बारिश की स्थिति बनती हैं। कुछ मौकों पर आंधी, ओलावृष्टि और तेज हवाएं भी चलती हैं। सर्दियों का असर कम होते ही न्यूनतम तापमान धीरे-धीरे बढ़ने लगता है। कुछ स्थितियों में न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस से नीचे भी चला जाता है। इसके साथ ही कुछ वर्षों में फरवरी महीने में अच्छी बारिश भी रिकॉर्ड की गई है।
रायपुर में 1893 को पड़ी थी सबसे ज्यादा ठंड
रायपुर में फरवरी महीने में अब तक की सबसे ज्यादा ठंड 9 फरवरी 1893 को पड़ी थी। उस दिन तापमान सिर्फ 5 डिग्री तक गिर गया था। वहीं सबसे ज्यादा गर्म दिन 28 फरवरी 2009 रहा, जब तापमान 38 डिग्री तक पहुंच गया था।
यानी फरवरी में भी कभी-कभी मई जैसी गर्मी पड़ सकती है। 4 फरवरी 1917 को सिर्फ 24 घंटे में 57.4 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। यह फरवरी के लिहाज से बहुत ज्यादा बारिश मानी जाती है। इसके अलावा 1901 में फरवरी महीने के दौरान कुल 118.9 मिमी बारिश हुई थी।
दिन में तेज धूप से बढ़ रही गर्मी
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय दिन में धूप तेज हो रही है, जबकि रात का तापमान अपेक्षाकृत कम है। यही कारण है कि सुबह और रात में हल्की ठंडक महसूस हो रही है, लेकिन दोपहर के समय गर्मी बढ़ने लगी है। मौसम विभाग के अनुसार मार्च के मध्य तक प्रदेश में तापमान और बढ़ सकता है, जिससे गर्मी का असर और स्पष्ट होने की संभावना है।


