बेजिंग
मेडिकल साइंस ने बड़ी छलांग लगाई है। चीन के वैज्ञानिकों ने पहली बार एक ब्रेन डेड मरीज के शरीर में जेनेटिकली मॉडिफाइड सूअर का फेफड़ा ट्रांसप्लांट किया। यह ऐतिहासिक प्रयोग ग्वांगझोउ मेडिकल यूनिवर्सिटी के शोधार्थियों ने किया।39 साल के ब्रेन डेड व्यक्ति पर यह ट्रांसप्लांट किया गया। ऑपरेशन के बाद फेफड़ा कुछ समय तक काम करता रहा, लेकिन 24 घंटे के भीतर इसमें नुकसान दिखने लगा। 3वें और 6वें दिन शरीर में एंटीबॉडी बनने लगीं, जिसने फेफड़े को नुकसान पहुंचाया। 9वें दिन सूअर का फेफड़ा शरीर से हटा दिया गया।
वैज्ञानिकों के अनुसार, फेफड़े का ट्रांसप्लांट हार्ट और किडनी की तुलना में कहीं ज्यादा जटिल है।हर सांस के साथ फेफड़े का सीधा संपर्क बाहरी वातावरण, वायरस, एलर्जन और प्रदूषण से होता है। इसी कारण इम्यून रिएक्शन और अंग अस्वीकृति (rejection) का खतरा ज्यादा रहता है।भले ही यह फेफड़ा पूरी तरह सफल न रहा हो, लेकिन यह प्रयोग जेनेटिक साइंस और अंग प्रत्यारोपण की दुनिया में नई राह खोल सकता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि आने वाले समय में सूअर जैसे जानवरों से इंसानों के लिए अंग तैयार करना संभव हो सकेगा।
Tuesday, May 19
Breaking News
- प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त योजना बनी सोनसाय बाकड़े के लिए राहत और बचत का माध्यम
- आज से आरंभ हुआ जन भागीदारी – सबसे दूर, सबसे पहले अभियान
- पशु चिकित्सा छात्रों का इंटर्नशिप भत्ता तीन गुना बढ़ा
- MP में सरकारी कर्मचारियों की अटेंडेंस पर सख्ती, सीट छोड़ते ही लगेगी ‘शॉर्ट लीव’
- फलता बना बंगाल की सियासत का नया रणक्षेत्र, क्या ममता के गढ़ में सेंध लगा पाएगी BJP?
- हंतावायरस-इबोला जैसे खतरों के बीच जरूरी हैं ये 8 हेल्थ डिवाइस, कम कीमत में मिल सकती है बड़ी सुरक्षा
- 19 मई 2026 राशिफल: मेष से मीन तक जानिए कैसा रहेगा आपका दिन, किसकी चमकेगी किस्मत
- EV यूजर्स के लिए बड़ी राहत: यूपी समेत 8 राज्यों में बनेंगे 4800 नए चार्जिंग स्टेशन
- चांदी में बड़ी गिरावट! हाई से ₹1.92 लाख टूटा भाव, जानिए सोने-चांदी के ताजा रेट
- राजस्थान विधानसभा को नया लोगो मिला, 75 साल पूरे होने पर राज्यपाल ने किया अनावरण


