भभुआ
भारतमाला परियोजना के तहत बन रहे वाराणसी-रांची-कोलकाता एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य को गति देने के लिए जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। डीएम के निर्देशानुसार अधिग्रहित भूमि के मुआवजा भुगतान में तेजी लाने के लिए जिले के विभिन्न अंचलों में छह जनवरी से आठ जनवरी 2026 तक विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे।
शिविर का मुख्य उद्देश्य रैयतों के दस्तावेजों का मौके पर ही सत्यापन कर भुगतान की प्रक्रिया को तत्काल निष्पादित करना है। प्रशासन द्वारा जारी रोस्टर के अनुसार जिले के पांच अंचलों के 73 गांवों (मौजा) के लिए शिविर स्थल निर्धारित किए गए हैं। शिविर पूर्वाह्न 10:30 बजे से शुरू होगा।
कहां किस दिन लगेगा शिविर
अंचल रामपुर
रामपुर, अकोढ़ी, टेटिहां, करिगाई, नरजो, चमरियांव के लिए 06 जनवरी पंचायत भवन, अकोढ़ी
विजरा, झलखोरा, निस्जा, पाली, पतीला, रामपुर के लिए सात जनवरी पंचायत भवन, रामपुर
लोहंदी, गंगापुर, बसनी, परमालपुर के लिए आठ जनवरी को सामुदायिक भवन, ठकुरहट में शिविर लगेगा।
अंचल भभुआ
भभुआ, बेतरी, कुड़ासन, ढढ़नियां, गोडहन, दुमदुम – छह जनवरी पंचायत सरकार भवन, दुमदुम
सिवों, बिलारो – सात जनवरी- पंचायत भवन, सिवों
माधोपुर, सेमरिया, धरवार, सेमरा – आठ जनवरी, पंचायत भवन, रूद्रवार कला
अंचल भगवानपुर
भगवानपुर, ओरा, दुबौली, बहोरनपुर – छह जनवरी संसाधन ढेहरियां
ददरा, कोचाड़ी, कोचड़ा, कुसडेहरा – सात जनवरी – पंचायत सरकार भवन, पढौती
बबुरा, ढेकहरी, भैरोपुर – आठ जनवरी – पंचायत सरकार भवन, पढौती
अंचल चांद
चाँद गोई (सहबाजपुर टोला), बैरी, गेहूंआ – छह जनवरी – पंचायत भवन, गोई
सिहोरियां, जिगना, खैटी, कड़ियरा – सात जनवरी – सामुदायिक भवन, सिहोरिया
औरईया, भेरी, लहुरी बैरी, सरैला, बघैला – आठ जनवरी- प्रखंड सभागार, चांद
अंचल चैनपुर
चैनपुर, सिहोरा, विरना, करवौंदिया, दुलहरा – छह जनवरी, पंचायत भवन, जगरिया
मानपुर, गाजीपुर, विउर, खखड़ा, सिरबिट – सात जनवरी पंचायत भवन, जिगना, सामुदायिक भवन, सिरबिट
सिकन्दरपुर, डड़वा, मसोई खूर्द, मसोई कला – आठ जनवरी – सामुदायिक भवन, सिकन्दरपुर
चैनपुर सिहोरा, विरना, करवौंदिया -छह जनवरी – पंचायत भवन, जगरीया
भुगतान के पूर्व होगी जमीन की मापी
जिला भू-अर्जन कार्यालय के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे एलए खतियान और पंचाट सूची के साथ मौके पर मौजूद रहेंगे। शिविर में ही अंचलाधिकारी और राजस्व कर्मचारी जमीन के कागजातों का मिलान करेंगे।
भुगतान से पूर्व जमीन की भौतिक मापी भी सुनिश्चित की जाएगी ताकि किसी भी त्रुटि की गुंजाइश न रहे। अनुमंडल पदाधिकारी और भूमि सुधार उप समाहर्ता स्वयं इन कैंपों की निगरानी और अध्यक्षता करेंगे। वाराणसी और सासाराम परियोजना निदेशालय के अधिकारी भी कैंप में मौजूद रहेंगे ताकि तकनीकी बाधाओं को तुरंत दूर किया जा सके। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी कैंप स्थलों पर सशस्त्र पुलिस बल की तैनाती के निर्देश दिए गए हैं।
अंचलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे गांव-गांव में लाउडस्पीकर और अन्य माध्यमों से इसका व्यापक प्रचार-प्रसार कराएं। संबंधित जमीन मालिकों (रैयतों) से अपील की गई है कि वे अपने सभी आवश्यक दस्तावेज (लगान रसीद, वंशावली, आधार, बैंक पासबुक आदि) के साथ कैंप में पहुंचें ताकि उनके मुआवजे का भुगतान त्वरित गति से हो सके।


