नई दिल्ली
दुनिया की प्रतिष्ठित टाइम मैगजीन ने 2025 में AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के क्षेत्र में नाम कमाने वाले दिग्गजों की एक लिस्ट जारी की है। इसमें 100 टेक CEO, को-फाउंडर्स और अन्य अधिकारियों के नाम हैं, जिन्होंने AI की प्रगति में अपना अहम योगदान दिया है। सूची में कई बड़े नाम शामिल हैं। जैसे- एलन मस्क और मार्क जकरबर्ग। चौंकाने वाली बात ये है कि मस्क और जुकरबर्ग में से टॉप पर कोई भी नहीं है। लिस्ट में एक भारतीय का भी नाम है। चलिए, विस्तार से जान लेते हैं।
यह तीसरा साल है, जब ये सूची जारी हुई
टाइम्स ऑफ इंडिया, टाइम मैगजीन ने TIME100 AI सूची तीसरी बार जारी की है। यह तीसरा साल है, जब ये जारी हुई है। इसमें उन लोगों को नाम शामिल किया जाता है, जो AI के वर्ल्ड में सबसे ज्यादा प्रभाव डाल रहे हैं। इसकी शुरुआत 2023 में हुई थी, जब OpenAI ने ChatGPT लॉन्च किया था। उस समय लोगों को की ताकत का अंदाजा हुआ, जो इंसानों की क्षमताओं को टक्कर दे सकती है और कुछ मामलों में तो उनसे आगे भी निकल सकती है।
इस लिस्ट में डेवलपर्स का भी नाम
टाइम मैगजीन का कहना है कि इस सूची का उद्देश्य यह दिखाना है कि AI का भविष्य मशीनों से नहीं, बल्कि लोगों से तय होगा। इसमें वे लोग शामिल हैं जो नई खोज कर रहे हैं, AI के पक्ष में आवाज उठा रहे हैं या फिर इस तकनीक के भविष्य का हिस्सा बन रहे हैं। लिस्ट में उन डेवलपर्स के नाम भी हैं जिन्होंने AI के सेक्टर में कुछ अलग या बड़ा करकेअपनी छाप छोड़ी है। ये लोग नई तकनीक को और बेहतर बनाने में मदद कर रहे।
लिस्ट में टॉप पर मस्क और जुकरबर्ग नहीं तो कौन?
टाइम मैगजीन की TIME 100 AI लिस्ट में मस्क या जुकरबर्ग पहले नंबर पर नहीं हैं। सबसे ऊपर क्लाउडफ्लेयर के को-फाउंडर और CEO मैथ्यू प्रिंस हैं। दूसरे नंबर पर xAI के फाउंडर एलन मस्क हैं। तीसरे नंबर पर OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन हैं। इनके बाद Nvidia के CEO जेंसेन हुआंग, OpenAI के CEO ऑफ एप्लिकेशंस फिदजी सिमो, Meta के CEO मार्क जुकरबर्ग, अमेजन के प्रेसिडेंट एंड CEO एंडी जैसी, Open Machine के CEO एली के मिलर, एंथ्रोपिक के CEO डारियो अमोदेई, कैसावा टेक्नोलॉजीज के फाउंडर एंंड एग्जीक्यूटिव चेयरमैन स्ट्राइव मासियिवा हैं।
TIME 100 AI लिस्ट में ये भारतीय भी शामिल
TIME 100 AI में भारतीय CEO रवि कुमार एस. का भी नाम है। Cognizant 2023 से रवि कुमार की लीडरशिप AI के सेक्टर में आगे बढ़ रही। इसको बढ़ावा देने के लिए रवि कुमार ने 1 बिलियन डॉलर का निवेश करने का वादा किया था। कंपनी अपनी वर्ल्ड सिनैप्स स्किलिंग पहल के जरिए 10 लाख लोगों को AI और नई तकनीकों की ट्रेनिंग देने जा रही है। Cognizant के कर्मचारियों के लिए रवि कुमार ने दुनिया का सबसे बड़ा वाइब कोडिंग इवेंट शुरू किया। इसका मकसद सभी लेवल्स पर AI की समझ बढ़ाना था। इस इवेंट सबसे ज्यादा लोग ऑनलाइन जेनरेटिव AI हैकथॉन में शामिल हुए, इस कारण ये गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बना।