न्यूयॉर्क
वेनेजुएला में अमेरिका की ओर से शनिवार की सुबह किए गए घातक हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस हमले में वेनेजुएला के कई नागरिक और सैनिक भी मारे गए। इसकी जानकारी न्यूज एजेंसी सिन्हुआ ने अमेरिकी मीडिया के हवाले से दी है। सिन्हुआ ने अमेरिकी मीडिया के हवाले से बताया कि वेनेजुएला के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शनिवार सुबह वेनेजुएला पर अमेरिकी सैनिकों के बड़े हमले में आम लोगों और सैनिकों समेत कम से कम 40 लोग मारे गए।
वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने शनिवार को कहा कि निकोलस मादुरो दक्षिणी अमेरिकी देश के एकमात्र राष्ट्रपति हैं। रोड्रिगेज ने शनिवार दोपहर को वहां के एक सरकारी टेलीविजन स्टेशन पर लाइव स्पीच के दौरान कहा कि वेनेजुएला कभी भी किसी देश की कॉलोनी नहीं बनेगा। गृह, विदेश मामलों के मंत्रियों और दूसरे अधिकारियों के साथ, रोड्रिगेज ने मांग की है कि अमेरिका मादुरो और उनकी पत्नी को रिहा करे। इसके साथ ही उन्होंने वेनेजुएला के लोगों से शांत रहने, मिलकर चुनौतियों का सामना करने और देश की आजादी की रक्षा करने की अपील की।
रोड्रिगेज ने कहा कि वेनेजुएला अपने प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए तैयार है और कभी किसी देश की कॉलोनी या किसी एम्पायर का गुलाम नहीं बनेगा।
दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार सुबह एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि रोड्रिगेज ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ले ली है, और विदेश सचिव मार्को रुबियो ने उनसे अभी बात की है।
ट्रंप ने दावा किया कि वेनेजुएला को फिर से महान बनाने के लिए हमें जो जरूरी लगता है, वे उसे करने के लिए तैयार हैं। वेनेजुएला के राष्ट्रपति के साथ जिस तरह की कार्रवाई की गई है, उससे पूरी दुनिया बहुत हैरान है। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने संप्रभु देश के खिलाफ जबरदस्ती और उसके राष्ट्रपति के खिलाफ एक्शन की कड़ी निंदा की है।


